अमेरिका समेत कई बड़े देशों को बताकर भारत ने पीओके में की सर्जिकल स्ट्राइक
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उड़ी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल अटैक की तैयारी की जानकारी भारत ने अमेरिका सहित कई महत्वपूर्ण देशों को पहले ही दे दी थी। ऑपरेशन को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अपने अमेरिकी समकक्ष जॉन केरी से लंबी बात हुई थी।
इस दौरान सुषमा ने केरी को भारत के भावी रुख से अवगत करा दिया था। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल भी इस कार्रवाई से पहले कई देशों के संपर्क में थे। डोभाल ने भी अपनी अमेरिकी समकक्ष सुसैन राइस को भारत के भावी रुख से अवगत करा दिया।
इस दौरान पाकिस्तान के मित्र देशों से विशेष रूप से कूटनीतिक संपर्क साधा गया था। हालांकि इस दौरान यह जानकारी नहीं दी गई थी कि सर्जिकल अटैक कब और कहां किए जाने का इरादा है।
उड़ी हमले वाले दिन ही हो गया था जवाब देने का फैसला
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का फैसला तो उड़ी आतंकी हमले वाले दिन ही हो गया था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना को जवाबी कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दे दिया था।
फिर यह तय हुआ कि नियंत्रण रेखा पार कर सर्जिकल ऑपरेशन करने से पहले कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान को पटखनी दी जाए। इसके बाद भारत ने सबसे पहले अमेरिका के अलावा पाकिस्तान के स्वाभाविक मित्र माने जाने वाले कुछ अरब देशों से कूटनीतिक संपर्क साधा।
भारत की कोशिश थी कि सर्जिकल अटैक के बाद पाकिस्तान को किसी प्रमुख देश का समर्थन हासिल न हो। कूटनीतिक मोर्चे पर विभिन्न देशों को साध लिए जाने के बाद नियंत्रण रेखा पार कर जवाब देने के लिए समय का इंतजार किया गया। इसके बाद मौका मिलते ही सर्जिकल अटैक को अंजाम दिया गया।