जासूसी का अड्डा बने पाक उच्चायोग के आधे कर्मियों को जाना होगा वापस, भारत का बड़ा फैसला
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भारत सरकार ने नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तान के उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या आधी करने का फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बताया कि सरकार ने पाक उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 50 फीसदी घटाने का निर्णय किया है। मंत्रालय ने कहा कि इसके साथ ही इस्लामाबाद में भारत अपनी उपस्थिति भी कम करेगा। नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग एक तरह से आईएसआई के लिए जासूसी का अड्डा बन चुका है। अभी उच्चायोग में 110 कर्मियों को अनुमति थी, लेकिन अब इसे घटाकर 55 करने का फैसला किया गया है।
Govt of India has taken the decision to reduce staff strength in the Pakistan High Commission in New Delhi by 50%. It would reciprocally reduce its own presence in Islamabad to the same proportion: Ministry of External Affairs (MEA) pic.twitter.com/DymjMrT8MW
— ANI (@ANI) June 23, 2020विज्ञापन
इस संबंध में पाक के उपराजदूत को बुलाया गया था और उनसे कहा गया कि भारत उनके उच्चायोग में कार्यरत कर्मचारियों की गतिविधियों को लेकर लगातार चिंता जताता रहा है। वह जासूसी और आतंकी संगठनों के साथ गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। उदाहरण के तौर पर 31 मई को दो पाक अधिकारी रंगे हाथ पकड़े गए थे, जिन्हें देश से बाहर कर दिया गया था।
बता दें कि दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा और इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) ने पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों और उनके एक ड्राइवर को जासूसी करते पकड़ा था। भारत सरकार ने इन सभी को जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पर्सन नॉन ग्रेटा (अवांछित व्यक्ति) करार देते हुए 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश जारी किया था। ये दोनों अधिकारी उच्चायोग में वीजा सहायक के पद पर तैनात थे।