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समुद्र की सुरक्षा: मेगा नौसैनिक अभियान में अपने समुद्री कौशल का प्रदर्शन करेगा भारत, विशाखापत्तन में होगा आयोजन
Wed, 23 Feb 2022 10:34 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 23 Feb 2022 10:34 PM IST
सार
'मिलन' एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है जिसकी शुरुआत साल 1995 में अंडमान और निकोबार कमान में शुरू की गई थी।
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भारतीय नौसेना
- फोटो : twitter/indiannavy
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विस्तार
यूक्रेन संकट को लेकर रूस और पश्चिमी शक्तियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत 40 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ शुक्रवार से आयोजित होने वाले विशाल नौसैनिक अभ्यास में अपनी बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रदर्शन करेगा। 25 फरवरी से चार मार्च तक विशाखापत्तनम में 'मिलन' अभ्यास में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, फ्रांस, बांग्लादेश, म्यांमार, दक्षिण कोरिया और मलयेशिया आदि देशों की नौसेनाओं ने शामिल होने की पुष्टि कर दी है।
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जानकारी के अनुसार रूस अपने किसी सैन्य मंच को अभ्यास के लिए नहीं भेज रहा है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह अपने किसी प्रतिनिधिमंडल को कार्यक्रम के लिए भेजेगा अथवा नहीं। यह द्विवार्षिक अभ्यास साल 2020 में आयोजित होने वाला था, लेकिन कोविड महामारी के कारण साल 2022 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। अभ्यास का बंदरगाह चरण 25 से 28 फरवरी तक निर्धारित है जबकि समुद्री चरण एक से चार मार्च तक होगा।
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भारत को जिम्मेदार शक्ति के रूप में पेश करना उद्देश्य
भारतीय नौसेना ने कहा है कि अभ्यास का उद्देश्य भारत को दुनिया के लिए एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति के रूप में पेश करना है। क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रयासों की पृष्ठभूमि में भारत हिंद महासागर में अपनी समुद्री क्षमता बढ़ा रहा है। नौसेना ने कहा कि अभ्यास 40 से अधिक देशों के साथ हमारी अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी का गवाह बनेगा और इसका दायरा और जटिलता उप-सतह और हवाई क्षेत्र में अभ्यास पर ध्यान देने के साथ काफी व्यापक होगा।
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इस संबंध में भारतीय नौसेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस अभ्यास का उद्देश्य अनुकूल नौसेनाओं के बीच पेशेवर बातचीत के माध्यम से परिचालन कौशल को बेहतर बनाना, सर्वोत्तम प्रथाओं और प्रक्रियाओं को आत्मसात करना और समुद्री क्षेत्र में सैद्धांतिक शिक्षा को सक्षम बनाना है। बयान में यह भी कहा गया कि यह समुद्री युद्धाभ्यास महासागरों में समुद्री भाईचारे के बंधन को बढ़ावा देने के लिए अमूल्य अवसर प्रदान करेगा।
सेना के महिला दल ने पूरी की पहली नौका यात्रा
भारतीय सेना के महिला दल ने पहली नौका यात्रा पूरी कर सकुशल वापसी कर ली। इस अभियान के बाद महिला सशक्तीकरण के साथ ही सेना में महिला जवानों की भागीदारी को और मजबूती मिलेगी। महिला जवानों का नौका दल चेन्नई-निजापटनम, विशाखापटनम-निजामपटनम से होते हुए चेन्नई लौट आया। महिला जवानों का चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट पर स्वागत करते हुए दक्षिण भारत क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल एसएस दहिया ने कहा, इस अभियान से न केवल नौकायन को खेल के तौर पर देखने की प्रेरणा मिलेगी, बल्कि युवा लड़कियों में देश सेवा का जज्बा पैदा होगा।
तेलंगाना की राज्यपाल और पुडुचेरी की उप राज्यपाल टी. सुंदरराजन ने दल को 5 फरवरी को हरी झंडी दिखाई थी। इस दौरान नौसेना और तटरक्षक बल ने जरूरी मदद पहुंचाने के साथ ही लगातार दल पर ट्रैकिंग के जरिये नजर बनाए रखी। मेजर मुक्ता गौतम नेतृत्व में गए इस दल में मेजर प्रिया सेमवाल, प्रिया दास, रश्मिल सांगवान, अर्पिता द्विेदी, संजना मित्तल, कैप्टन ज्योति सिंह, मालविका रावत, शुभम सोलंकी और सोनल गोयल शामिल थीं।