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रूस से एंटी टैंक मिसाइल 'स्ट्रम अटाका' खरीदेगा भारत, 200 करोड़ रुपये में हुआ समझौता
Sun, 30 Jun 2019 08:06 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 30 Jun 2019 08:06 PM IST
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एमआई 35 हेलिकॉप्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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अपने पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और चीन से बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत रूस से एंटी टैंक मिसाइल ‘स्ट्रम अटाका’ खरीदेगा। इसके लिए दोनों देशों के बीच 200 करोड़ रुपये में करार हुआ है। इन मिसाइलों को एमआई-35 हेलीकॉप्टरों में लगाया जाएगा। इसके बाद ये हेलीकॉप्टर दुश्मनों के टैंकों और अन्य हथियारबंद वाहनों को पलक झपटते नष्ट कर सकेंगे।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि ‘स्ट्रम अटाका’ के खरीद करार में एक खास शर्त जोड़ी गई है। इसके तहत दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के तीन महीने के अंदर इन मिसाइलों की आपूर्ति करनी होगी। एमआई-35 वायुसेना का हमलावर हेलीकॉप्टर है और इसे अमेरिका के अपाचे की जगह लाया गया है। भारत इन मिसाइलों की खरीद के लिए लंबे समय से प्रयासरत था।
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भारत इससे पहले रूस के साथ एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद का भी करार कर चुका है। एस-400 रूस की सबसे आधुनिक लंबी दूरी की सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली है। हालांकि इस करार को लेकर अमेरिका ने आपत्ति भी जताई थी लेकिन भारत ने इसे नजरअंदाज किया।
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हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने थल, वायु और नौसेना की ओर से आपातकालीन प्रावधानों के तहत की जाने वाली खरीद को लेकर प्रजेंटेंशन दिया गया था। इस मामले में वायुसेना ने बाजी मारी जबकि थल सेना दूसरे नंबर पर रही।
थल सेना फ्रांस से स्पाइक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल और रूस से एलजीएलए-एस एयर डिफेंस मिसाइल करार को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। सूत्रों का कहना है कि आपातकालीन प्रावधानों के तहत तीनों सेना प्रमुखों को यह ताकत दी गई है कि वे तीन महीने में आपूर्ति की शर्त के साथ 300 करोड़ रुपये तक का करार कर सकते हैं।