भारत-स्वीडन के बीच हुए तीन करार, अक्षय ऊर्जा और एआई पर काम करेंगे दोनों देश
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भारत और स्वीडन के बीच सोमवार को तीन करार हुए। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारत के विकास और सैन्य क्षेत्रों में संभावनाओं के मद्देनजर स्वीडन की कंपनियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। वे यहां भारतीय बाजार के साथ ही विदेशों में निर्यात करने के लिए यहां निर्माण कर सकती है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच अक्षय ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसे सामरिक क्षेत्रों में संयुक्त रूप से परियोजनाओं का क्रियान्वयन करने पर भी सहमति बनी।
पांच दिवसीय भारत दौरे पर आए स्वीडन के शाही दंपती 16वें नरेश कार्ल गुस्ताफ और रानी स्लिविया ने सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। राष्ट्रपति कोविंद और स्वीडन नरेश के मध्य हुई मुलाकात के बाद दोनों ही देशों ने पोलर साइंस, नवाचार एवं शोध और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग को लेकर दोनों ही देशों के बीच करार हुआ।
इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें खुशी है कि दोनों ही देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार के साथ ही निवेश संबंधी रिश्तों में मजबूती आ रही है। उन्होंने कहा कि वह मेक इन इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, क्लीन इंडिया, डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में स्वीडन को एक मुख्य सहयोगी के तौर पर देखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग करने के अनेक अवसर हैं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन नरेश कार्ल गुस्ताफ ने सोमवार को संयुक्त रूप से नवाचार नीति को लेकर भारत-स्वीडन उच्च स्तरीय वार्ता का शुभारंभ किया। इसके तहत दोनों देश अक्षय ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसे सामरिक क्षेत्रों में संयुक्त रूप से परियोजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे। संयुक्त नवाचार नीति के तहत सरकार, निजी क्षेत्र और अकादमिक क्षेत्र परियोजना का दिशानिर्देश करेंगे। मालूम हो कि इस पर साल 2018 की प्रधानमंत्री मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान करार हुआ था। इस दौरान बाल जलवायु पुरस्कार 2019 के विजेता विहान और नव अग्रवाल ने भी उनसे मुलाकात की।
स्वीडन और भारत मिलकर आतंक के खिलाफ करेंगे एक दूसरे का समर्थन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को स्वीडन के अपने समकक्ष एन लिंडे से कई मुद्दों पर चर्चा की। आतंकवाद से लड़ने व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक दूसरे का समर्थन देने पर दोनों ही देशों ने एक दूसरे का सहयोग करने की बात कही।
मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि स्वीडन की विदेश मंत्री एन लिंडे के साथ पर्यावरण, विनिर्माण, स्वास्थ्य और स्मार्ट सिटी पर द्विपक्षीय सहयोग को लेकर चर्चा हुई। भारतीय प्रतिभा की गतिशीलता बढ़ाने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट कर बताया कि संयुक्त राष्ट्र में एक दूसरे का पूरा सहयोग करेंगे। जयशंकर ने बताया कि उन्होंने लिंडे के साथ आतंकवाद, खासकर सीमा पार आतंकवाद की चुनौती पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इस बात पर जोर दिया कि जीवन का अधिकार सबसे मूलभूत मानवाधिकार है। आतंकवाद की इस अहम चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय मचों पर मिलकर काम करने को लेकर सहमति जताई।
एअर इंडिया के विमान से भारत पहुंचे शाही दंपती
इससे पहले स्वीडन के शाही दंपती पांच दिवसीय भारत के दौरे पर एअर इंडिया से यहां पहुंचे। दरअसल आखिरी क्षणों में उनके जहाज में तकनीकी खराबी आ गई और उन्हें एअर इंडिया का सहारा लेना पड़ा। ऐसे बहुत ही कम क्षण आए हैं जब शाही जोड़े को किसी देश की यात्रा के लिए कमर्शियल विमान का इस्तेमाल कना पड़ा हो।
मालूम हो कि शाही जोड़ा 26 साल बाद अपने दूसरे भारत दौरे पर आया है। एअर इंडिया के कंट्री मैनेजर ने दोनों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि एअर इंडिया के लिए यह बड़े ही गर्व का पल था। वहीं शाही दंपती के विमान से उतरने के बाद अपने सामान को खुद ले ले जाने वाली तस्वीर वायरल होने के बाद ट्विटर पर लोगों ने भारत में वीआईपी कल्चर को लेकर काफी कटाक्ष किए।