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पांचवें परीक्षण के लिए तैयार स्वदेशी सबसोनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’

Mon, 06 Nov 2017 06:04 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Mon, 06 Nov 2017 06:04 AM IST
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India Subsonic Cruise Missile Nirbhay ready for fifth trial
File Photo

दो विफलताओं के बाद भारत की स्वदेशी सबसोनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ अब अपने पांचवें परीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) प्रमुख एस. क्रिस्टोफर ने यह जानकारी रविवार को दी। डीआरडीओ ने ही इसे विकसित किया है।

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डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एंड एलाइड साइंसेज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘फिप्सफिजियोकॉन-2017’ से इतर डीआरडीओ प्रमुख ने कहा कि हम अगले हफ्ते ‘निर्भय’ मिसाइल के संभावित परीक्षण की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2016 में इसके चौथे परीक्षण में फेल होने की खामियों को दूर कर लिया गया है।
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सफल रहे हैं तीन परीक्षण
12 मार्च, 2013 को मिसाइल का पहला परीक्षण विफल रहा था क्योंकि उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही यह गिर गई थी।

17 अक्तूबर, 2014 को 750 से 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम इस मिसाइल का दूसरा परीक्षण सफल रहा था।

16 अक्तूबर, 2015 को तीसरे परीक्षण में 128 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए मिसाइल ने बंगाल की खाड़ी में गोता लगाया था।

दिसंबर 2016 में चौथे परीक्षण के दौरान आधे रास्ते में ही इसे नष्ट करना पड़ा था क्योंकि उड़ान के कुछ ही मिनट बाद इसके धरती पर गिरने से नुकसान की आशंका पैदा हो गई थी।

‘ब्रह्मोस’ की पूरक मानी जा रही ‘निर्भय’

India Subsonic Cruise Missile Nirbhay ready for fifth trial

मिसाइल ‘निर्भय’ ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर से लैस है। इसमें टर्बो-फैन इंजन लगा है जो इसे आगे बढ़ाता है। मिसाइल के तय ऊंचाई और गति तक पहुंचते ही बूस्टर मोटर अलग हो जाता है और टर्बोफैन इंजन आगे के प्रक्षेपण के लिए खुद ही काम करने लगता है।

कंप्यूटर कमांड से मिसाइल का मार्ग किया जाता है नियंत्रित
डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह रॉकेट से विमान और फिर मिसाइल में तब्दील हो जाती है। लॉन्चिंग के बाद इसका रॉकेट मोटर बंद हो जाता है और पंख बाहर निकल आते हैं। उड़ान के मार्ग को स्थिर करने के लिए मिसाइल में आधुनिक कंप्यूटर लगाए गए हैं जो धरती से दिए कमांड पर काम करते हैं।

‘ब्रह्मोस’ की पूरक मानी जा रही ‘निर्भय’
देश में ही निर्मित मिसाइल ‘निर्भय’ भारत-रूस संयुक्त उपक्रम वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का संभावित पूरक है। इसकी खासियत है कि यह कम ऊंचाई पर भी उड़ान भर सकती है। इसी खूबी की वजह से यह दुश्मनों के रॉडार में नजर नहीं आती है। लक्ष्य के करीब पहुंचने के बाद सटीक मौका आने पर यह उसे तबाह करती है।

290 किलोमीटर तक ले जा सकती है हथियार
डीआरडीओ द्वारा विकसित ‘निर्भय’ 290 किलो तक के वॉरहेड ले जा सकती है। टू-स्टेज वाली इस मिसाइल की लंबाई छह मीटर और व्यास 0.52 मीटर है। करीब 1,500 किलो लॉन्चिंग वेट वाली इस मिसाइल के पंख 2.7 मीटर तक फैल सकते हैं। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर दूरी तक के लक्ष्य को तबाह करने में सक्षम है। 

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