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पाक ने भारतीय श्रद्धालुओं को उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने से रोका, भारत ने जताया कड़ा एतराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 15 Apr 2018 07:49 PM IST
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पाकिस्तान में भारतीय राजनयिकों के उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं। एक नई घटना में पाक ने भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को बैसाखी के त्यौहार पर पंजा साहिब गए सिख श्रद्धालुओं से मिलने से रोक दिया।
भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे विएना समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पाक की ये हरकत ‘अतार्किक कूटनीतिक बेअदबी’ है। पाक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब राजनयिकों के उत्पीड़न मामले में दोनों पक्षों ने समाधान ढूंढने पर सहमति दी थी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 1800 सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था तीर्थाटन सुगमता संधि के तहत 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। इन श्रद्धालुओं का गुरुद्वारा पंजा साहिब में सम्मान होना था।
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इससे जुड़े ट्रस्ट के अध्यक्ष के निमंत्रण पर भारतीय उच्चायुक्त गुरुद्वारा जा रहे थे। मगर उन्हें बीच में ही रोक लिया गया। इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया। मंत्रालय के मुताबिक, राजनयिकों को अपने देश के तीर्थयात्रियों से संपर्क साधने की छूट होती है। यह सामान्य प्रक्रिया है। यह छूट स्वास्थ्य सहित अन्य तरह की परेशानी की स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए होती है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुरुद्वारे की ओर जा रही भारतीय राजनयिक अजय बिसारिया की गाड़ी को बीच रास्ते में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर लौटा दिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा, पाक ने भारतीय राजनयिकों के साथ बेहद खराब व्यवहार किया।
यह राजनयिकों के साथ दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। पाक ने विएना संधि 1961, धार्मिक तीर्थ यात्रियों के लिए द्विपक्षीय प्रोटोकॉल 1974 और हाल ही में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दोनों देशों की सहमति से तैयार समझौते का उल्लंघन किया है।
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भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे विएना समझौते का खुला उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, पाक की ये हरकत ‘अतार्किक कूटनीतिक बेअदबी’ है। पाक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब राजनयिकों के उत्पीड़न मामले में दोनों पक्षों ने समाधान ढूंढने पर सहमति दी थी।
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विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 1800 सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था तीर्थाटन सुगमता संधि के तहत 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। इन श्रद्धालुओं का गुरुद्वारा पंजा साहिब में सम्मान होना था।
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इससे जुड़े ट्रस्ट के अध्यक्ष के निमंत्रण पर भारतीय उच्चायुक्त गुरुद्वारा जा रहे थे। मगर उन्हें बीच में ही रोक लिया गया। इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया। मंत्रालय के मुताबिक, राजनयिकों को अपने देश के तीर्थयात्रियों से संपर्क साधने की छूट होती है। यह सामान्य प्रक्रिया है। यह छूट स्वास्थ्य सहित अन्य तरह की परेशानी की स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए होती है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुरुद्वारे की ओर जा रही भारतीय राजनयिक अजय बिसारिया की गाड़ी को बीच रास्ते में सुरक्षा कारणों का हवाला देकर लौटा दिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा, पाक ने भारतीय राजनयिकों के साथ बेहद खराब व्यवहार किया।
यह राजनयिकों के साथ दुर्व्यवहार की श्रेणी में आता है। पाक ने विएना संधि 1961, धार्मिक तीर्थ यात्रियों के लिए द्विपक्षीय प्रोटोकॉल 1974 और हाल ही में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दोनों देशों की सहमति से तैयार समझौते का उल्लंघन किया है।
India has lodged a strong protest with Pakistan over block of access for visiting pilgrims to Indian diplomats&consular teams.A Jatha of around 1800 Sikh yatris has been travelling in Pakistan from April 12,under bilateral agreement on facilitating visits to religious shrines:MEA
— ANI (@ANI) April 15, 2018