'हाफिज को आतंकी सूची में डालने से चैन की सांस नहीं ले सकता भारत'
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पाकिस्तान की ओर से जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को आतंकी सूची में शामिल करने के बाद भी भारत चैन की सांस नहीं ले सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रक्षा विशेषज्ञों ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत को पाक के इस कदम से संतुष्ट नहीं होना चाहिए और यह बड़ी उपलब्धि नहीं है।
रक्षा विशेषज्ञ कोमोडोर (रिटायर्ड) उदय भास्कर ने कहा, ‘मैं नहीं सोचता हूं कि पाकिस्तान सरकार में अभी भी आतंकवाद और ऐसे संगठनों से निपटने के लिए राजनीतिक दृढ़ता है। विशेषकर हाफिज सईद के संदर्भ में भी यह बात लागू होती है। इसकी बहुत बढ़ा चढ़ाकर व्याख्या करने की जरूरत नहीं है। देखना है कि आगे क्या होता है। ’
ऐसे प्रतिबंध सिर्फ नाम के लिए होते हैं
इसी प्रकार की राय व्यक्त करते हुए रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के इस कदम को बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए क्योंकि ऐसे प्रतिबंध सिर्फ नाम के लिए होते हैं। आगा ने कहा कि पाकिस्तान ने ऐसा सिर्फ अमेरिका के डर के कारण किया है। हमें इन चीजों को बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पाकिस्तान ने जब भी ऐसे लोगों पर प्रतिबंध लगाया है वह मीडिया में अपनी बात रखते रहे हैं। ऐसे में यह सिर्फ नाम के लिए है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में पंजाब प्रांत की सरकार ने शनिवार को हाफिज सईद और उसके चार सहयोगियों का नाम आतंकवाद निरोधक अधिनियम की ‘चौथी सूची’ में शामिल किया था।