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पाक से पुलवामा हमले में शामिल सात आतंकियों की कानूनी तौर पर मांगी जाएगी जानकारी, एलआर तैयार
Sat, 12 Dec 2020 10:04 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 12 Dec 2020 10:04 AM IST
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पुलवामा आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
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भारत पिछले साल पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए हमले में शामिल आतंकवादियों की जानकारी को साझा करने के लिए पाकिस्तान को कानूनी तौर पर कहेगा। इस मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। हमले के बाद स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए।
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मामले के जानकारों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा औपचारिक न्यायिक अनुरोध या लैटर रोगेटरी (एलआर) तैयार किया गया है। इसके जरिए पाकिस्तान से पुलवाला हमले में शामिल सात आरोपियों के संबंध में जानकारी मांगी जाएगी।
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मसूद अजहर समेत ये सात हैं आरोपी
हमले के सात आरोपियों में से चार पाकिस्तान में स्थित हैं। इसमें मौलाना मसूद अजहर, उसका भाई अब्दुल रऊफ असगर, इब्राहिम अतहर और उसका चचेरा भाई अम्मार अल्वी शामिल है। वहीं, इस हमले को अंजाम देने के लिए भारत आए तीन आरोपियों में अहतर का बेटा उमर फारूक, कामरान (दोनों को पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया) और इस्माइल उर्फ सैफुल्ला शामिल हैं। सैफुल्ला को लेकर कहा गया है कि वह घाटी में ही छिपा हुआ है।
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जांच में सहयोग को लेकर भेजे जाने वाला पहला अनुरोध पत्र
मामले से परिचित लोगों ने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा कागजातों को अंतिम रूप देने में महीने के अंत तक का समय लग सकता है। इसके बाद कोर्ट से पाकिस्तान को न्यायिक अनुरोध भेजने की अनुमति मांगी जाएगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, पुलवामा हमले में पड़ोसी देश से जांच में सहयोग को लेकर पाकिस्तान को भेजा जाने वाला यह पहला न्यायिक अनुरोध है।
पाक से मांगी जाएंगी ये जानकारियां
अधिकारी ने बताया, अजहर, असगर, अतहर और अल्वी के ठिकाने के अलावा, भारत उनके और अन्य लोगों के बीच व्हाट्सएप चैट, वॉयस नोट और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) कॉल और पाकिस्तान से किए गए कॉल की जानकारी सहित अन्य विवरणों की जानकारी चाहता है। उमर फारूक के फोन से बरामद तस्वीरों और वीडियो में पुलवामा हमले की तैयारी के विभिन्न चरणों को दिखाया गया है।
फारूक को 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा हमले की निगरानी के लिए अप्रैल 2018 में भारत भेजा गया था। बता दें पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। वहीं, 27 फरवरी को दोनों देशों की वायुसेना के बीच झड़प भी हुई।
एक दूसरे अधिकारी ने बताया, अपने आधिकारिक अनुरोध में भारत सरकार फारूक के फोन से निकाले गए जीपीएस लोकेशन की जानकारी के साथ-साथ पाकिस्तान में मीजान बैंक और एलाइड बैंक में उसके खातों में किए गए 10 लाख रुपये के भुगतान का विवरण भी मांगेगी, जो कि जांच के दौरान एनआईए द्वारा बरामद किया गया था।