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Displacement: आपदाओं के कारण 2024 में भारत में 54 लाख लोगों का हुआ विस्थापन, 12 वर्षों में सबसे बड़ा आंकड़ा

Tue, 13 May 2025 05:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 13 May 2025 05:35 PM IST
सार

Displacement: भारत में 2024 में बाढ़, तूफान और भूस्खलन जैसी आपदाओं से 54 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा, जो 12 वर्षों में सबसे ज्यादा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, असम, त्रिपुरा, ओडिशा और बंगाल सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जबकि हिंसा से हुए विस्थापन कम रहा। जलवायु परिवर्तन और कमजोर बुनियादी ढांचे ने खतरे को और बढ़ाया।

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India records 5.4 mn displacements due to disasters in 2024, highest in 12 years: Report
मणिपुर में विस्थापन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

भारत में साल 2024 में बाढ़, तूफान और अन्य आपदाओं के कारण 54 लाख लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा, जो 12 वर्षों में सबसे बड़ा आंकड़ा है। जिनेवा स्थित आंतरिक विस्थापन निगरानी केंद्र (आईडीएमसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 

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रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में हिंसा के कारण केवल 1,700 लोग विस्थापित हुए, जो 2023 की तुलन में कम हैं, जब मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू हुई थी। मणिपुर में घरों को जलाने सहित अन्य हिंसक घटनाओं के कारण 2024 में 1,000 लोगों को विस्थापित होने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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बाढ़ की वजह से हुआ सबसे अधिक विस्थापन
इसमें बताया गया है कि भारत में दो-तिहाई विस्थापन बाढ़ की वजह से हुए। जलवायु परिवर्तन, जंगलों की कटाई, मिट्टी का कटाव और बांध व तटबंधों की देखभाल की कमी को विस्थापन के बड़े कारण बताया गया है। असम में साल 2024 में 25 लाख लोगों का आंतरिक विस्थापन हुआ, जो कि पिछले एक दशक की सबसे खौफनाक बाढ़ का नतीजा था। तूफानों के कारण 16 लाख लोगों को विस्थापित होना पड़ा। इसमें बड़े चक्रवात भी शामिल हैं।

चक्रवात 'दाना' की वजह 10 लाख लोगों ने छोड़े घर
चक्रवात 'दाना' अक्तूबर के अंत में बंगाल की खाड़ी में बना था, जिसने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 10 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया। इनमें ज्यादातर लोग मौसम विभाग की चेतावनियों के बाद पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिए गए थे। इसके तहत राज्य सरकारों ने स्कूल बंद किए, हजारों राहत शिविर बनाए गए और लाखों लोगों को स्थानांतरित किया गया।


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'रेमल' चक्रवात से विस्थापित हुए दो लाख से ज्यादा लोग
पश्चिम बंगाल में चक्रवात 'रेमल' से 2.08 लाख लोग विस्थापित हुए। यह चक्रवात 24 मई 2024 को बंगाल की खाड़ी में बना था। जैसे ही रेमल उत्तर की ओर बढ़ा, इसने ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों को उफान पर ला दिया, जिससे असम में करीब 3.38 लाख लोग विस्थापित हुए।

त्रिपुरा में ही 40 वर्षों की सबसे खराब मानसून बारिश
त्रिपुरा ने 2024 में पिछले 40 वर्षों की सबसे खराब मानसून बारिश झेली। भारी बारिश के कारण अगस्त के मध्य में  2,000 से ज्यादा जगहों पर भूस्खलन हुए, जिससे 3.15 लाख लोगों को अपनी जगह छोड़नी पड़ी। सड़कों के बंद हो जाने से राहत सामग्री पहुंचाने में भी परेशानी हुई।

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