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उर्दू प्रेस: भारत-पाकिस्तान रिश्तों में फिर लौटती 'गर्माहट'

Sun, 06 May 2018 03:19 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Sun, 06 May 2018 03:19 PM IST
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India Pakistan relations will be positive
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अखबारों में इस हफ्ते भारत-पाकिस्तान बैक चैनल डिप्लोमेसी के अलावा पाकिस्तान की अंदरुनी सियासत से जुड़ी ख़बरें हर तरफ छाई रहीं। सबसे पहले बात करते हैं भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली बैक चैनल डिप्लोमेसी की। अखबार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक भारत और पाकिस्तान की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की संभावना बढ़ गई है। 
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अखबार लिखता है कि इस्लामाबाद में तैनात भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में नरमी आनी शुरु हो गई है और कोशिश की जा रही है कि दोनों देशों की जेलों में बंद उन तमाम कैदियों की रिहाई हो जाए जो अपनी सज़ा पूरी करने के बाद भी बरसों से जेल में सड़ रहे हैं। 
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अजय बिसारिया ने पाकिस्तान की जेल में बंद एक भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए पाकिस्तानी सरकार का शुक्रिया अदा किया। 22 साल के जितेंद्र थैलेसीमिया के मरीज हैं और मेडिकल ग्राउंड पर पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें रिहा करने का फैसला किया है। 
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अब जवाब में भारत भी पाकिस्तानी नागरिक नसरीन अख्तर को रिहा करेगा।  56 साल की नसरीन 2006 से भारतीय जेल में बंद हैं।  उन पर ड्रग्स की तस्करी का आरोप है। इसी बुनियाद पर अजय बिसारिया ने कहा है कि जल्द ही दोनों तरफ के कैदियों को रिहा कर दिया जाएगा। 

दरअसल ये बैक चैनल डिप्लोमेसी का ही नतीजा है।  अप्रैल महीने के आखिर में एक भारतीय प्रतिनिधि मंडल ने पाकिस्तान का दौरा किया था।  पाकिस्तानी मामलों के जानकार विवेक काटजू और एनसीईआरटी के प्रमुख जेएस राजपूत भारतीय दल के सदस्य थे। उस दौरे के बाद ही कैदियों की रिहाई की बात हो रही है। 


जरदारी और इमरान आएंगे करीब?
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि चुनाव के बाद अगर जरूरत पड़ी तो इमरान खान के साथ गठबंधन हो सकता है। अखबार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक जरदारी ने कहा कि सीनेट के चुनाव में इमरान खान से समझौता हो गया था तो आम चुनाव के बाद भी हो सकता है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर हमला करते हुए जरदारी ने कहा कि नवाज शरीफ ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। 

जरदारी का कहना था, ''मैंने 11 साल जेल काटकर लोकतंत्र कायम की।  मगर नवाज शरीफ ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है।  नवाज शरीफ ने मुगल बादशाह और शहजादा सलीम बन कर लोकतंत्र के लिए की जाने वाली कोशिशों पर पानी फेर दिया। ''

जरदारी के बेटे और पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने नवाज शरीफ और इमरान खान दोनों पर जमकर हमला किया। अखबार 'जंग' के मुताबिक बिलावल भुट्टो का कहना था, ''इमरान खान का मसला नवाज शरीफ और शरीफ का मसला इमरान ख़ान हैं और इन दोनों को सिर्फ और सिर्फ सत्ता से मतलब है। ''

उधर इमरान ख़ान ने भी नवाज शरीफ पर जमकर हमला बोला। इमरान ख़ान को अदालत ने दहशतगर्दी के एक मामले में राहत देते हुए उन्हें बेगुनाह करार दिया है। अख़बार 'जंग' के अनुसार अदालत के बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान इमरान ख़ान का कहना था, ''जरदारी जैसा है वैसा ही दिखता है।  शरीफ ब्रदर्स चोरी करके पीड़ित बन जाते हैं। ''

नवाज शरीफ पर निजी हमला करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, ''मियां साहब का दिमाग़ हिल गया है।  उन्हें डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए।  वो कह रहे हैं कि इमरान ख़ान को वोट देना ऐसा है जैसे सेना को वोट देना। ''

अब्बासी का बयान
उधर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी का एक बयान ख़ूब सुर्ख़ियां बटोर रहा है। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ख़ाक़ान अब्बासी ने कहा था कि 'आम चुनाव आंतरिक सरकार नहीं बल्कि एक स्पेस की कोई चीजचुनाव करवाएगी। '


पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने जमकर इस बयान की आलोचना की है। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव करनावा चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी है। आयोग ने कहा कि उम्मीद है आगे वो ऐसी कोई बात नहीं करेगें। 
 
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