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India PAK Ceasefire Violation: वादे से क्यों मुकरा पाकिस्तान, अमेरिका की कोशिशों पर चीन ने किस तरह लगाया बट्टा

Sat, 10 May 2025 10:46 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sat, 10 May 2025 10:46 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सात मई को भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में नौ आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया। इसके बाद आज 10 मई की शाम पांच बजे से सीजफायर की सहमति का एलान हुआ। हालांकि, महज चार घंटे बाद ही पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी की गई। जम्मू के नगरोटा में आतंकी हमले की भी खबर है। अब सवाल ये उठ रहा है कि पाकिस्तान आखिर सीजफायर के वादे से क्यों मुकरा? ये समझना भी रोचक है कि चीन ने पाकिस्तान का साथ देकर किस तरह अमेरिका की कोशिशों पर बट्टा लगा दिया। पढ़िए एक रिपोर्ट

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India PAK Ceasefire Violation US Donald Trump Role China says stand by Pak in upholding sovereignty Integrity
भारत पाकिस्तान तनाव के बीच अमेरिका की भूमिका और चीन का रोल - फोटो : एएनआई

विस्तार

चीन ने अमेरिका की चौधराहट पर बट्टा लगा दिया। पाकिस्तान ने संघर्ष विराम के लिए सहमत होने के कुछ समय बाद इसे तोड़ दिया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अनुसार सीमा पर भीषण गोली बारी जारी है। खबर है कि पाकिस्तान ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी का हर तरह के समर्थन का भरोसा मिलने के बाद किया है। क्या भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच विश्व की दो महाशक्तियों के नाक के सवाल खड़ा हो गया है? स्थिति अब जटिलता की ओर जा रही है?

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जटिलता इसलिए कि पाकिस्तान को तुर्किए के अलावा किसी भी देश का समर्थन नहीं मिल पा रहा था। अजरबैजान के सैद्धांतिक समर्थन का भारत और पाकिस्तान के बीच में जंग जैसे माहौल में कोई महत्व नहीं है। वैसे भी भारत हथियार आदि के मामले में अजरबैजान के दुश्मन आर्मेनिया का सहयोगी है।
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शाहबाज शरीफ ने संसद को बताया था कि आखिरी पाकिस्तान के लिए जंग से हट रहे हैं पीछे
भारत और पाकिस्तान के बीच में युद्ध विराम को लेकर वहां के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सफाई दी थी। उन्होंने अपनी संसद को बताया था कि जंग में भारत पाकिस्तान पर बहुत भारी है। पाकिस्तान की फौज बहादुरी से मुकाबला कर रही है लेकिन उनके देश के पास लड़ने के लिए मजबूत संसाधन नहीं हैं। शाहबाज शरीफ ने यहां तक कहा था कि इस लड़ाई में उन्होंने सऊदी अरब, चीन समेत दुनिया के तमाम देशों से मदद मांगी, लेकिन तुर्किए को छोड़कर किसी ने सहायता के लिए हामी नहीं भरी। हो सकता है शाहबाज शरीफ ने कुटिल चाल के तहत संसद में यह रोना रोया हो। मिल रही जानकारी के मुताबिक इसके बाद चीन के विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वांग यी ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से बात की। पाकिस्तान को हर तरह के समर्थन का भरोसा दिया और कहा कि चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है।
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क्या है मोहम्मज इशाक डार की एक्स पर पोस्ट
विदेश मंत्री डार ने इसमें लिखा है कि उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर बात की। वांग यी को भारतीय आक्रामकता के बारे में बताया। पाकिस्तान की स्थिति, क्षेत्रीय हालात के बारे में जानकारी दी। डार लिखते हैं कि वांग यी ने पाकिस्तान के संयम को स्वीकार किया और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पाकिस्तान के जिम्मेदाराना दृष्टिकोण की सराहना की। वांग यी ने इसके बाद कहा कि चीन पाकिस्तान के सदाबहार रणनीतिक सहयोगी, साझीदार और सच्चे मित्र का फर्ज निभाएगा। चीन पाकिस्तान कीसंप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय स्वतंत्रता को बनाए रखने में पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहेगी।

अब क्या होगा आगे?
भारत में सामरिक और रणनीतिक विशेषज्ञ अचानक संघर्ष विराम की घोषणा से तंग थे। ङन्हें यह कम अच्छा लग रहा था। ब्रह्म चेलानी ने कड़ी टिप्पणी भी की। पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकमंद नरवाणे ने भी संतुलित भाषा में आईना दिखाया। लेकिन स्थिति एक बार फिर लौटकर बुद्धू घर को आए।

वैसे, बुद्ध का देश भारत युद्ध नहीं चाहता। भारत ने कई बार कहा कि आत्मरक्षा में आपरेशन सिन्दूर के तहत आतंकवाद के खिलाफ सटीक, पुख्ता सूचना पर केवल आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। किसी सैन्य प्रतिष्ठान, शिविर और आम नागरिक को चोट नहीं पहुंचाई। हम टकराव को बढ़ाना नहीं चाहते लेकिन युद्ध थोपा गया तो दुश्मन की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देगा। भारत की इस नीति को विदेश सचिव विक्रम मिस्री, विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई बार दोहरा चुके हैं। यह नीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा निर्देश, राजनीतिक इच्छा शक्ति के आधार पर बनी है। भारत अपनी स्वतंत्रता के बाद से इसी नीति पर चला है। इसलिए दुश्मन के हर नापाक इरादे का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हालांकि अभी इस बारे में भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सीमा पर भारतीय सैन्य बल पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।


अमेरिका अब क्या करेगा?
भारत में रात और अमेरिका में सुबह हुए कुछ घंटे हो गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल आफिस जाने की तैयारी कर रहे होंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री माकोर् रुबियों, जो पिछले 48 घंटे से भारत पाकिस्तान को संयम बरतने, युद्ध को न भड़काने, क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए तैयार करने की मेहनत कर रहे थे, उन्हें पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन की सूचना मिल गई होगी। कूटनीति की भाषा में कहें कि तुर्किए और चीन के पाकिस्तान को ताकत देने की नीति ने अमेरिका को इस क्षेत्रीय टकराव में सीधे तौर पर घसीट लिया है। अब यहां चीन सीधे तौर पर संघर्ष विराम तुड़वाने के बाद अमेरिका की चौधराहट को चुनौती देता नजर आ रहा है। इसने क्षेत्रीय टकराव की स्थिति को काफी जटिल बना दिया है। देखना होगा कि अब आगे क्या?

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