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दाऊद के शूटर को थाईलैंड द्वारा पाकिस्तान को सौंपने पर भारत ने जताया कड़ा विरोध
Tue, 15 Oct 2019 06:40 AM IST
संजीव कुमार झा
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 15 Oct 2019 06:40 AM IST
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दाऊद इब्राहिम(फाइल फोटो)
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अंतरराष्ट्रीय सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी शूटर मुन्ना झिंगड़ा के प्रत्यर्पण के मामले ने भारत और थाईलैंड के द्विपक्षीय रिश्ते में दरार डाल दी है। झिंगड़ा उर्फ मोहम्मद सलीम को भारत के दावे के विपरीत पाकिस्तान को प्रत्यर्पित किए जाने से नाराज भारत ने कूटनीतिक चैनल के माध्यम से सिंगापुर के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। इस दौरान भारत ने साफ संदेश दिया है कि इस मामले में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में खटास आनी तय है।
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दरअसल भारत का दावा था कि झिंगड़ा का मूल नाम सईद मुजक्किर हुसैन है। वह भारतीय नागरिक है। अंडरवर्ल्ड से जुड़े छोटा राजन पर हमला मामले में 35 साल की सजा पाने और बाद में 16 साल की सजा पाने वाले झिंगड़ा को थाईलैंड की स्थानीय अदालत ने भारत को प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था। इस फैसले को ऊपरी अदालत ने पलट दिया और बीते नौ अक्तूबर को थाईलैंड ने उसे पाकिस्तान को सौंप दिया। गौरतलब है कि झिंगड़ा सजा पूरी करने के बाद बीते तीन साल से थाईलैंड में रह रहा था।
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सूत्रों ने बताया कि इस फैसले के बाद भारत ने उच्चायोग के माध्यम से थाईलैंड के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान यह भी कहा कि वह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की नए सिरे से समीक्षा करेगा। उक्त सूत्र के मुताबिक भारत बीते करीब पांच वर्षों से झिंगड़ा के प्रत्यर्पण के लिए थाईलैंड के संपर्क में था। इस संबंध में संबंधित पक्ष को उसके भारतीय नागरिक होने के पुख्ता साक्ष्य मुहैया कराए गए थे। वह दाऊद का शूटर था। इसी आधार पर निचली अदालत ने छोटा राजन की तरह ही उसे भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला सुनाया था। जब दाऊद भारत का नागरिक है तो उसके शूटर को किस आधार पर पाकिस्तान जहां खुद दाऊद बैठा है वहां प्रत्यर्पित किया जा सकता है। हालांकि उच्च अदालत में स्थिति पलट गई।
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