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Israel Hamas war: गाजा में मानव क्षति अस्वीकार्य, युद्ध रोकने के लिए बातचीत ही रास्ता, यूएनजीए में बोला भारत

Wed, 10 Jan 2024 08:18 AM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 10 Jan 2024 08:18 AM IST
सार

हमास और इस्राइल के बीच चल रहे भीषण युद्ध को रोकने लिए बातचीत ही एकमात्र हल है। यह बात संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कही है। उन्होंने मानवीय संकट की भी कड़ी निंदा की है।

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India on Israel-Hamas war: Loss of lives clearly unacceptable, dialogue only way forward
रुचिरा कंबोज (फाइल फोटो्े) - फोटो : Social Media

विस्तार

पिछले वर्ष सात अक्तूबर से शुरू हुए इस्राइल-हमास युद्ध को लेकर दुनियाभर के देश इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने नागरिक जीवन के नुकसान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मानवीय संकट को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। कंबोज ने कहा कि भारत का आंतकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस का दृष्टिकोण हैं। 
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युद्ध से खतरनाक मानवीय संकट पैदा हुआ- कंबोज
गौरतलब है कि युद्ध के कारण बड़े पैमाने में इस्राइल और गाजा के आम नागरिकों(विशेषकर महिलाएं और बच्चों) की मौत हुई हैं, जिसके कारण यह खतरनाक मानवीय संकट पैदा हुआ है। सात अक्तूबर को गाजा के आतंकी संगठन हमास ने इस्राइल पर पांच हजार रॉकेट दागे थे, जिसके बाद से जवाबी कार्रवाई में इस्राइल ने हमास के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले की। दोनों पक्षों के बीच चल रहे भीषण युद्ध में आम नागरिकों को खासा नुकसान हो रहा है। 

मानवीय सहायता के लिए हाथ बढ़ाएं अन्य देश- कंबोज
पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में रुचिरा कंबोज ने गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने के लिए भारत के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत का नेतृत्व इस्राइल और फलस्तीन सहित क्षेत्र के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमने जी20, ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों में भी अपने विचार व्यकत् किए हैं। हमनें दुनिया से युद्ध से प्रभावित हुए लोगों के लिए मानवीय सहायता का आह्वान किया हैं। हमें उम्मीद है कि सुरक्षा परिषद मानवीय सहायता बढ़ाने में मदद करेगा। भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने द्वि- राष्ट्र सिंद्धात को दोहराते हुए कहा कि बातचीत और कूटनीति ही  शांतिपूर्ण समाधान से आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।

हम लगातार कर दे रहे हैं मानवीय सहायता- कंबोज
भारत ने अब तक फलस्तीनियों के लिए दो किस्तों में 16.5 टन दवा और चिकित्सा आपूर्ति सहित 70 टन मानवीय सहायता दी हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी को फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रम का भारत समर्थन करेगा। बता दें एजेंसी फलस्तीनी नागरिकों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, राहत और सामाजित सेवाओं के लिए लगातार काम कर रही हैं। 
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