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India Oman FTA: भारत-ओमान में मुक्त व्यापार शुरू, यूपी, उत्तराखंड और गुजरात के निर्यातकों की खुली किस्मत!
Tue, 02 Jun 2026 06:02 AM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 02 Jun 2026 06:02 AM IST
सार
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) लागू हो गया है, जिसके तहत भारत के 99.38% निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी। इस ऐतिहासिक समझौते से यूपी के पीतल व कालीन, उत्तराखंड के जैविक उत्पादों और गुजरात के हीरे व सिरेमिक समेत 25 से अधिक राज्यों के निर्यात क्लस्टरों को जबरदस्त फायदा होगा।
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भारत ओमान ट्रेड डील (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @अमर उजाला
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विस्तार
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमवार से लागू हो गया है। इसके तहत भारत के 99.38% निर्यात को ओमान में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। वहीं ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क पहुंच होगी। समझौते से यूपी, उत्तराखंड, गुजरात समेत 25 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निर्यात क्लस्टरों को लाभ मिलेगा। समझौते के एलान के साथ ही मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से कृषि, रत्न एवं आभूषण की 10 खेपें ओमान रवाना हो गईं।
पीयूष गोयल और ईसा सालेह ने किया समझौते का एलान
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी ने सोमवार को समझौते का एलान किया। इसके जरिये कृषि, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग वस्तुएं, कपड़ा, फुटवियर और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को पूर्ण शुल्क समाप्ति और निर्यात विस्तार का अवसर मिलेगा। अब भारतीय निर्यात निरीक्षण परिषद के प्रमाणपत्र ओमानी बंदरगाहों पर स्वीकार किए जाएंगे। माना जा रहा है कि मत्स्य, मांस, अंडे, समुद्री उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में शुल्क समाप्ति से भारत की स्थिति और मजबूत होगी। यह समझौता दक्षिण एशिया, खाड़ी क्षेत्र और पूर्वी अफ्रीका को जोड़ने वाला एक रणनीतिक आर्थिक गलियारा स्थापित करेगा।
यह भी पढ़ें: अल नीनो का खौफ: कम बारिश से खरीफ फसलों को बचाने के लिए सरकार मुस्तैद, बने निगरानी समूह
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किस राज्य को क्या फायदा?
यूपी के मुरादाबाद का पीतल उद्योग, कानपुर-आगरा का फुटवियर उद्योग, भदोही के कालीन, नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, कन्नौज के इत्र, मलिहाबाद के आम, तराई व पश्चिम क्षेत्र के बासमती चावल, मेरठ की खेल सामग्री आसानी से निर्यात हो सकेगी। उत्तराखंड से औषधियां, जैविक उत्पाद, हिमाचल प्रदेश से सेब व जम्मू एवं कश्मीर से पश्मीना, कालीन व केसर की ओमान में पहुंच होगी। गुजरात में सूरत के हीरे एवं आभूषण, राजकोट के इंजीनियरिंग उत्पाद,जामनगर के पीतल के पुर्जे एवं रिफाइनरी-संबद्ध उत्पाद, मोरबी के सिरेमिक उत्पाद व कच्छ के हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
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पीयूष गोयल और ईसा सालेह ने किया समझौते का एलान
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी ने सोमवार को समझौते का एलान किया। इसके जरिये कृषि, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग वस्तुएं, कपड़ा, फुटवियर और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को पूर्ण शुल्क समाप्ति और निर्यात विस्तार का अवसर मिलेगा। अब भारतीय निर्यात निरीक्षण परिषद के प्रमाणपत्र ओमानी बंदरगाहों पर स्वीकार किए जाएंगे। माना जा रहा है कि मत्स्य, मांस, अंडे, समुद्री उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में शुल्क समाप्ति से भारत की स्थिति और मजबूत होगी। यह समझौता दक्षिण एशिया, खाड़ी क्षेत्र और पूर्वी अफ्रीका को जोड़ने वाला एक रणनीतिक आर्थिक गलियारा स्थापित करेगा।
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किस राज्य को क्या फायदा?
यूपी के मुरादाबाद का पीतल उद्योग, कानपुर-आगरा का फुटवियर उद्योग, भदोही के कालीन, नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, कन्नौज के इत्र, मलिहाबाद के आम, तराई व पश्चिम क्षेत्र के बासमती चावल, मेरठ की खेल सामग्री आसानी से निर्यात हो सकेगी। उत्तराखंड से औषधियां, जैविक उत्पाद, हिमाचल प्रदेश से सेब व जम्मू एवं कश्मीर से पश्मीना, कालीन व केसर की ओमान में पहुंच होगी। गुजरात में सूरत के हीरे एवं आभूषण, राजकोट के इंजीनियरिंग उत्पाद,जामनगर के पीतल के पुर्जे एवं रिफाइनरी-संबद्ध उत्पाद, मोरबी के सिरेमिक उत्पाद व कच्छ के हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।