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India-Nepal: SSB-नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल की वार्ता, द्विपक्षीय सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने पर प्रतिबद्ध
Thu, 09 Nov 2023 08:40 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 09 Nov 2023 08:40 PM IST
सार
भारत और नेपाल के सीमा बलों की वार्ता में द्विपक्षीय सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के बीच तीन दिवसीय 7वीं वार्षिक समन्वय बैठक गुरुवार को हुई।
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भारत-नेपाल के सीमा बलों की वार्ता, द्विपक्षीय सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने पर प्रतिबद्ध
- फोटो : ANI
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विस्तार
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के बीच तीन दिवसीय 7वीं वार्षिक समन्वय बैठक गुरुवार को संपन्न हुई। एसएसबी ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा, दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपायों को लागू करने का संकल्प लिया। द्विपक्षीय सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई। सीमा पार से होने वाली तस्करी पर भी बातें की गईं।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा परिदृश्य
बैठक के दौरान विचार-विमर्श उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ चलने वाली 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा परिदृश्य पर केंद्रित था। एसएसबी ने कहा, "सीमा पार अपराधों को रोकने, हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी के साथ-साथ खुली और बिना बाड़ वाली भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी आदि से निपटने पर जोर दिया गया।" यह वार्षिक बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि एसएसबी और एपीएफ के प्रमुख सीमा-संबंधित मामलों पर चर्चा करते हैं।
नेपाल में होगी अगले साल की बैठक
भारत-नेपाल सीमा पर प्रमुख पारगमन बिंदुओं पर एपीएफ और एसएसबी दोनों ने हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए चालू रहेंगे। खासकर त्योहारी सीजन के दौरान भी केंद्रों पर अधिकारी मौजूद रहेंगे। बयान के अनुसार, आपसी क्षमता-निर्माण प्रयासों के तहत दोनों सेनाओं के बीच आदान-प्रदान-कार्यक्रमों और एक्सपोज़र विजिट के विस्तार पर सहमति बनी। अगली समन्वय बैठक अगले वर्ष नेपाल में होने वाली है।
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किन अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक
एसएसबी महानिदेशक रश्मी शुक्ला के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सीमा सुरक्षा बल, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे। नेपाल के एपीएफ के महानिरीक्षक राजू आर्यल के नेतृत्व में नेपाली प्रतिनिधिमंडल में बल, नेपाल पुलिस, राष्ट्रीय जांच विभाग, नेपाल और दिल्ली में नेपाल दूतावास के प्रतिनिधि शामिल थे। दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच आखिरी समन्वय बैठक सितंबर, 2022 में काठमांडू में हुई थी।
1950 में समझौता, भारत नेपाल संबंध बेहद मजबूत
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच 'खुली' सीमा शांति और मित्रता की संधि के तहत स्थापित की गई है। इस पर दोनों देशों ने 1950 में हस्ताक्षर किए थे। संधि के प्रावधान दोनों देशों के नागरिकों को निवास, संपत्ति के अधिग्रहण और रोजगार के मामलों में समान अधिकार देते हैं। एक दूसरे के इलाके में आवाजाही का अधिकार भी मिलता है। इन प्रावधानों के अनुसार, भारत और नेपाल के नागरिक बिना पासपोर्ट और वीज़ा प्रतिबंध के अपनी साझा सीमाओं को पार कर सकते हैं।
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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा परिदृश्य
बैठक के दौरान विचार-विमर्श उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ चलने वाली 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा परिदृश्य पर केंद्रित था। एसएसबी ने कहा, "सीमा पार अपराधों को रोकने, हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी के साथ-साथ खुली और बिना बाड़ वाली भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी आदि से निपटने पर जोर दिया गया।" यह वार्षिक बैठक महत्वपूर्ण है क्योंकि एसएसबी और एपीएफ के प्रमुख सीमा-संबंधित मामलों पर चर्चा करते हैं।
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नेपाल में होगी अगले साल की बैठक
भारत-नेपाल सीमा पर प्रमुख पारगमन बिंदुओं पर एपीएफ और एसएसबी दोनों ने हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए चालू रहेंगे। खासकर त्योहारी सीजन के दौरान भी केंद्रों पर अधिकारी मौजूद रहेंगे। बयान के अनुसार, आपसी क्षमता-निर्माण प्रयासों के तहत दोनों सेनाओं के बीच आदान-प्रदान-कार्यक्रमों और एक्सपोज़र विजिट के विस्तार पर सहमति बनी। अगली समन्वय बैठक अगले वर्ष नेपाल में होने वाली है।
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किन अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक
एसएसबी महानिदेशक रश्मी शुक्ला के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सीमा सुरक्षा बल, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल थे। नेपाल के एपीएफ के महानिरीक्षक राजू आर्यल के नेतृत्व में नेपाली प्रतिनिधिमंडल में बल, नेपाल पुलिस, राष्ट्रीय जांच विभाग, नेपाल और दिल्ली में नेपाल दूतावास के प्रतिनिधि शामिल थे। दोनों सीमा सुरक्षा बलों के बीच आखिरी समन्वय बैठक सितंबर, 2022 में काठमांडू में हुई थी।
1950 में समझौता, भारत नेपाल संबंध बेहद मजबूत
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच 'खुली' सीमा शांति और मित्रता की संधि के तहत स्थापित की गई है। इस पर दोनों देशों ने 1950 में हस्ताक्षर किए थे। संधि के प्रावधान दोनों देशों के नागरिकों को निवास, संपत्ति के अधिग्रहण और रोजगार के मामलों में समान अधिकार देते हैं। एक दूसरे के इलाके में आवाजाही का अधिकार भी मिलता है। इन प्रावधानों के अनुसार, भारत और नेपाल के नागरिक बिना पासपोर्ट और वीज़ा प्रतिबंध के अपनी साझा सीमाओं को पार कर सकते हैं।