ईरान से कम तेल आयात करेगा भारत, कैसे होगी इसकी भरपाई?
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तेल खरीदने के चलते भारत और ईरान में बेहतर संबंध माने जाते हैं। लेकिन अब इस संबंध में खटास नजर आने लगी है, क्योंकि देश की सरकारी तेल रिफाइनर्स ने ईरान से खरीदने वाले कच्चे तेल में 20 फीसदी कटौती करने का फैसला लिया है। इसके पीछे वजह ईरान की ओर से तेल और गैस पर ज्यादा कीमत लेने के चलते ऐसा फैसला लिया गया है।
भारतीय रिफाइनर्स ने ईरानीय नेशनल ऑयल कंपनी के प्रतिनिधियों को इस बारे में सूचित कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि फरजाद बी गैस फील्ड पर ईरान की ओर से अरुची देखा जा रही है, अगर वक्त से पहले इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, तो कटौती और भी बढ़ सकती है।
मीडिया की खबरों के मुताबिक अभी भारत ईरान से 2,40,000 बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन खरीदता है, लेकिन अब इसे 1,90,000 किया जा रहा है। हालांकि ये साफ नहीं हो पाया है कि भारत इस भरपाई कैसे करेगा, लेकिन ईरान को भारत की ओर से इसे एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
ऑयल कंपनियां हुईं सतर्क
इंडियन ऑयल कॉरर्पोशन और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन आयात में प्रतिदिन 20000 बैरल तक की कमी करने जा रहा है। वहीं भारत पैट्रोलिय और हिंदुस्तान पैट्रोलियम रोज 10000 बैरल की कमी करने जा रहा है।
बता दें कि एक समय ऐसा था जब परमाणु परिक्षण के चलते पश्चिमी देशों की ओर से ईरान पर कई प्रतिबंध लगा दिए गए थे, जिसमें तेल बेचना भी शामिल था। लेकिन उस वक्त भारत एक ऐसा राष्ट्र था, जिसने उससे तेल खरीदना जारी रखा था। अब ऐसे में भारत के साथ उसके संबंधों में खटास एक चिंताजनक माहौल बना रहा है।