फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India is no longer the world largest importer of weapons, Says Sipri

हथियारों की खरीद के मामले में भारत को पीछे छोड़ यह देश बना नंबर वन

Tue, 12 Mar 2019 08:25 AM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अजय सिंह Updated Tue, 12 Mar 2019 08:25 AM IST
विज्ञापन
India is no longer the world largest importer of weapons, Says Sipri
सांकेतिक तस्वीर
हथियारों की वैश्विक स्तर पर खरीद के मामले में भारत को पीछे छोड़कर अब सऊदी अरब शीर्ष पर काबिज हो गया है। ताजा जारी रिपोटर्स में यह कहा गया है कि एक दशक से युद्धक समाग्री खरीद के मामले में भारत ने पहला स्थान गवां दिया है।
विज्ञापन


हथियारों के खरीद-फरोख्त पर नजर रखने वाली स्टॉकहोम स्थित एक थिंक टैंक की ताजा जारी रिपोर्ट्स में यह कहा गया है कि साल 2014 से 2018 के बीच इस मामले में सऊदी अरब पहले स्थान पर पहुंच गया है।
विज्ञापन


पांच साल की इस अवधि में सऊदी अरब ने वैश्विक स्तर पर खरीदे गए हथियारों का 12 फीसदी हिस्सा अपने नाम किया। जबकि भारत 9.5 फीसदी के साथ इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर काबिज रहा। यह खुलासा स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) द्वारा प्रकाशित नए आंकड़ों में हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2014-18 और 2009-2013 के बीच भारत में रूसी हथियारों का निर्यात लगातार गिरा है। रिपोर्ट में इसका कारण पीएम नरेंद्र मोदी की विदेशी हथियारों पर देश की निर्भरता कम करने की कोशिश बताई गई है।

सिपरी द्वारा जारी ‘इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर 2018’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2014-2018 में भारत को जो हथियार निर्यात हुए उसमें 58 प्रतिशत हिस्सा रूस का था, जबकि तुलनात्मक रूप से 2009-2013 में यह 76 फीसदी था। 

रिपोर्ट में जारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी हथियारों पर देश की निर्भरता को कम करने की कोशिशों के मुताबिक 2009-2013 और 2014-2018 के बीच भारत के हथियारों के आयात में भारी कमी आई है। भारत के आयात में इस गिरावट का एक कारण आंशिक रूप से विदेशी निर्यातकों से लाइसेंस प्राप्त हथियारों की डिलीवरी में देरी भी रही है।

 

छठवें स्थान पर चीन काबिज

India is no longer the world largest importer of weapons, Says Sipri
आईएनएस चक्र पनडुब्बी (फाइल फोटो)
इस मामले में चीन 4.2 प्रतिशत हथियारों के आयात के साथ दुनिया का छठा सबसे बड़ा हथियार खरीदार है।

2009-13 और 2014-18 के बीच भारतीय हथियारों का आयात 24% गिर गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी और फ्रेंच हथियार निर्माताओं से लाइसेंस के तहत उत्पादित लड़ाकू जेट और पनडुब्बियों की डिलीवरी में देरी के कारण ऐसा हुआ है।

उदाहरण के लिए 2001 में रूस से लड़ाकू विमान और 2008 में फ्रांस से पनडुब्बी खरीदने का करार हुआ था लेकिन इनकी डिलीवरी अब तक नहीं हो पाई है। इसके बावजूद 2014-18 में भारत दुनिया भर में प्रमुख हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश रहा है जो सकल विश्व का 9.5 फीसदी रहा। इस अवधि में भारत को इस्राइल, अमेरिका और फ्रांस ने भी हथियारों का निर्यात बढ़ाया।  

भारत इस समय विदेशों से आयातित हथियारों पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन विशेषज्ञों ने यह चेतावनी दी है कि रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को तभी सफल माना जा सकता है जब भारत किसी विशेष प्रकार के हथियार का आयात यह कहकर बंद कर दे कि इसका निर्माण अब भारत में ही हो रहा है।

 

रूस से तीन पनडुब्बियों का करार

India is no longer the world largest importer of weapons, Says Sipri
रूसी हथियार (फाइल)
हाल ही भारत ने रूस के साथ परमाणु ताकत से लैस तीन पनडुब्बियों का समझौता किया है। पिछले सप्ताह भारत-रूस ने अकुला श्रेणी की तीन पनडुब्बियों की की है। इन पनडुब्बियों को चक्र-3 के नाम से जाना जाएगा। ये पनडुब्बियां साल 2025 तक भारतीय नौसेना को मिल जाएंगी। भारत ने अक्तूबर 2018 में रूस के साथ ही एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की डील को भी मंजूरी दी है।

पाक में भी घटा हथियारों का आयात

2009-13 और 2014-18 के बीच पाकिस्तान में हथियारों का आयात 39 फीसदी तक गिरा है। अमेरिका अब पाक को हथियार बेचने में आनाकानी कर रहा है। अमेरिकी हथियारों का पाक में निर्यात 81 फीसदी तक कम हुआ है। हथियार खरीद के मामले में सऊदी अरब सबसे ऊपर है। उसके बाद भारत, मिस्र, ऑस्ट्रेलिया और अल्जीरिया का नंबर आता है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed