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साइबर स्पेस के खतरों से निबटेगी सेना की साइबर एजेंसी
Tue, 15 Jan 2019 04:57 PM IST
अमित मंडल
भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता
Published by: अमित मंडल
Updated Tue, 15 Jan 2019 04:57 PM IST
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मनोज मुकुंद नारावणे
- फोटो : social media
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भारत जल्द ही साइबर खतरों से निबटने के लिए साइबर एजेंसी की स्थापना कर रहा है। सेना की पूर्वी कमान मुख्यालय के जनरल ऑफिसर इन कमांडिंग चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नारावणे ने कहा कि एकीकृत डिफेंस स्टॉफ(आईडीएस) के तहत जल्द यह शुरू होगा।
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उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के तीनों विंग एयरफोर्स, नौसेना और थल सेना को साइबर खतरों से निबटने के लिए ऐसी किसी एजेंसी की काफी जरूरत थी। फोर्ट विलियम में सेना दिवस समारोह के दौरान जनरल नारावणे ने कहा कि यह विशुद्ध तौर पर सेना नहीं होगी, बल्कि एक अंतरसेवा के तौर पर काम करेगी।
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उन्होंने कहा कि आईडीएस के तहत काम करनेवाली यह एजेंसी साइबर खतरों से निबटेगी। सेना की विभिन्न शाखाओं के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेवारी आईडीएस की होगी। उन्होंने कहा कि टू स्टार रैंक के अधिकारी इसकी अगुआई करेंगे।
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नारावणे ने कहा कि इसका पूरा प्रस्ताव अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि साइबर एजेंसी के यूनिट देश भर में फैले होंगे, जोकि साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यालय के संपर्क में रहेंगे और काम करेंगे।
जनरल ऑफिसर इन कमांडिंग चीफ नारावणे ने इससे पहले विजय स्मारक पर देश की सुरक्षा में शहीद हुए जवानों और अधिकारियों श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेनरल ऑफिसर इन कमांडिंग चीफ ने पूर्वी कमान की पांच इकाइयों को सम्मानित किया। इसी तरह विभिन्न बटालियन की 18 अन्य यूनिट को भी सम्मानित किया गया।