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Military Exercise: :भारत-जर्मनी उच्च रक्षा समिति की बैठक, हिंद-प्रशांत में सैन्य अभ्यास को लेकर बनी सहमति
Wed, 28 Feb 2024 04:20 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 28 Feb 2024 04:20 PM IST
सार
भारत-जर्मनी उच्च रक्षा समिति की बैठक में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य अभ्यास को लेकर चर्चा की गई।
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भारत-जर्मनी उच्च रक्षा समिति की बैठक
- फोटो : X/@PIB_India
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विस्तार
रक्षा सहयोग में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के मकसद से भारत और जर्मनी ने बैठक हुई। मंगलवार को बर्लिन में भारत-जर्मनी उच्च रक्षा समिति की बैठक में रणनीतिक सहयोग को ज्यादा मजबूत करने पर खुलकर चर्चा हुई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी
बैठक में हुई चर्चा को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने के लिए तैयार हुए हैं। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने किया। वहीं जर्मन की तरफ से जर्मन रक्षा मंत्रालय के राज्य सचिव बेनेडिक्ट जिमर शामिल हुए।
भारत-जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
दोनों देशों के बीच हुई बैठक पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा की गई, जिसमें द्विपक्षीय मुद्दे शामिल थे। इस दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर अपनी-अपनी राय साझा की। साथ ही इंडो-पैसिफिक में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास पर भी चर्चा की गई। साथ ही रक्षा औद्योगिक परियोजनाओं और प्रस्तावों पर खुलकर बातचीत हुई।
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रक्षा सहयोग बढ़ाने पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति
जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने करीबी रक्षा साझेदारी की जरूरतों और रक्षा उद्योगों को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा में उच्च प्रौद्योगिकी में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। उच्च रक्षा समिति की बैठक पिछले साल जर्मन संघीय रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस की भारत यात्रा के बाद हो रही है। रक्षा सचिव गिरिधर अरामाने ने बर्लिन में प्रमुख थिंक टैंक जर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स (स्टिफ्टंग विसेनशाफ्ट एंड पॉलिटिक) के साथ भी बातचीत की।
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हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी
बैठक में हुई चर्चा को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों देश सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने के लिए तैयार हुए हैं। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने किया। वहीं जर्मन की तरफ से जर्मन रक्षा मंत्रालय के राज्य सचिव बेनेडिक्ट जिमर शामिल हुए।
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भारत-जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
दोनों देशों के बीच हुई बैठक पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर चर्चा की गई, जिसमें द्विपक्षीय मुद्दे शामिल थे। इस दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर अपनी-अपनी राय साझा की। साथ ही इंडो-पैसिफिक में दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास पर भी चर्चा की गई। साथ ही रक्षा औद्योगिक परियोजनाओं और प्रस्तावों पर खुलकर बातचीत हुई।
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रक्षा सहयोग बढ़ाने पर दोनों देशों के बीच बनी सहमति
जारी बयान के मुताबिक, दोनों देशों ने करीबी रक्षा साझेदारी की जरूरतों और रक्षा उद्योगों को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा में उच्च प्रौद्योगिकी में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। उच्च रक्षा समिति की बैठक पिछले साल जर्मन संघीय रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस की भारत यात्रा के बाद हो रही है। रक्षा सचिव गिरिधर अरामाने ने बर्लिन में प्रमुख थिंक टैंक जर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड सिक्योरिटी अफेयर्स (स्टिफ्टंग विसेनशाफ्ट एंड पॉलिटिक) के साथ भी बातचीत की।