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इमरान खान के भाषण के बावजूद दोनों देशों के बीच बढ़ सकता है तनाव
Thu, 28 Feb 2019 08:26 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 28 Feb 2019 08:26 AM IST
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इमरान खान
- फोटो : Facebook
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने परमाणु युद्ध की आशंका के चलते भारत को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। उसके इस प्रस्ताव से प्रभावित हुए बिना भारत ने बुधवार को कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हवाई युद्ध आक्रामक कार्रवाई है। इस बयान के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद बढ़ने की आशंका है।
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केवल इतना ही नहीं भारत ने पाकिस्तान के कार्यकारी उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह को भी आपत्ति पत्र जारी कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ बातचीत की जिसने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है। भारत का कहना है, 'यह अकारण आक्रामकता वाली कर्रवाई थी जिसमें पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए सैन्य पोस्टों को निशाना बनाया।'
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खान के बातचीत के प्रस्ताव का जवाब देते हुए उच्चायुक्त शाह को भारत ने डोजियर दिया है जिसमें भारत ने पाकिस्तान को पुलवामा आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की मिलीभगत और उसके आतंकी ठिकानों और उसके पाकिस्तान स्थित नेतृत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। खान ने अपने लंबे बयान में गलत अनुमान के खतरों के बारे में बताया।
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उन्होंने कहा कि वह पुलवामा हमले की वजह से हुए नुकसान को समझते हैं और वह हर मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं जिसमें आतंकवाद भी शामिल है। खान ने कहा, 'मैं आपको दोबारा यह बताना चाहता हूं कि इस समय बेहतर भावना प्रबल होनी चाहिए। हमें बैठकर अपनी परेशानियों के बारे में बात करनी चाहिए।' भारत ने इस बात पर खेद व्यक्त किया है कि पाकिस्तान के नेता और सैन्य अधिकारी लगातार आतंकी ढांचे मौजूद होने की बात से इनकार कर रहे हैं।