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भारत ने अजहर मसूद को वैश्विक आतंकी नहीं घोषित करने पर की सुरक्षा परिषद की निंदा
एजेंसी/ संयुक्त राष्ट्र
Updated Thu, 06 Oct 2016 06:20 AM IST
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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर
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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी नहीं घोषित करने को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कड़ी आलोचना की है। मसूद को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल करने पर चीन की ओर से लगाए गए तकनीकी अड़ंगे की अवधि को बढ़ाए जाने के बाद भारत का यह कदम सामने आया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैय्यद अकबरुद्दीन ने महासभा में कहा कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का प्रमुख काम शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है। हालांकि परिषद इस मामले को लेकर गैर जिम्मेदार और चुनौतियों से निपटने में अप्रभावी बना हुआ है। चीन का नाम लिए बगैर अकबरुद्दीन ने मसूद को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों पर तकनीकी अड़ंगा लगाने का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन के आकाओं पर प्रतिबंध लगाने पर सुरक्षा परिषद छह महीने तक विचार करता रहा और फैसला नहीं ले पाया। अब इसके लिए तीन महीने की अवधि और बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि एक मुद्दे पर सुरक्षा परिषद के फैसले के लिए नौ महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैय्यद अकबरुद्दीन ने महासभा में कहा कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का प्रमुख काम शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है। हालांकि परिषद इस मामले को लेकर गैर जिम्मेदार और चुनौतियों से निपटने में अप्रभावी बना हुआ है। चीन का नाम लिए बगैर अकबरुद्दीन ने मसूद को संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकी की सूची में शामिल कराने की भारत की कोशिशों पर तकनीकी अड़ंगा लगाने का हवाला दिया।
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उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन के आकाओं पर प्रतिबंध लगाने पर सुरक्षा परिषद छह महीने तक विचार करता रहा और फैसला नहीं ले पाया। अब इसके लिए तीन महीने की अवधि और बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि एक मुद्दे पर सुरक्षा परिषद के फैसले के लिए नौ महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
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वैश्विक आतंकियों पर कार्रवाई हो, लेकिन मसूद पर नहीं : चीन
जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंध लगाने की भारत की कोशिशों पर अड़ंगा लगाने और फिर इसकी अवधि बढ़ाने वाले चीन ने बुधवार को विदेशी आतंकियों के खिलाफ मजबूत वैश्विक कार्रवाई की बात कही है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक न्यूयॉर्क में आतंकवाद रोधी एक बैठक में बोलते हुए चीन के उप स्थानीय प्रतिनिधि वू हैताओ ने कहा कि विदेशी आतंकियों की अक्सर होने वाली आवाजाही ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कहीं अधिक नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और संबद्ध अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को यथाशीघ्र आतंकवाद रोधी डाटाबेस बनाना चाहिए और खुफिया सूचना साझा करना चाहिए, ताकि विदेशी आतंकियों की सीमा पार आवाजाही पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने तकनीकी रोक के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि चीन का हमेशा से यह कहना रहा है कि सूचीबद्ध विषय पर 1267 कमेटी को वस्तुनिष्ठता, निष्पक्षता और पेशेवरता के सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और संबद्ध अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को यथाशीघ्र आतंकवाद रोधी डाटाबेस बनाना चाहिए और खुफिया सूचना साझा करना चाहिए, ताकि विदेशी आतंकियों की सीमा पार आवाजाही पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने तकनीकी रोक के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि चीन का हमेशा से यह कहना रहा है कि सूचीबद्ध विषय पर 1267 कमेटी को वस्तुनिष्ठता, निष्पक्षता और पेशेवरता के सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए।