{"_id":"61d8ff7d8f87d054f26a9d9c","slug":"india-covid-19-death-32-lakh-people-died-due-to-corona-six-times-more-than-official-covid-toll-finds-study","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावा: भारत में अब तक 32 लाख लोगों की कोरोना से हुई मौत, आधिकारिक आंकड़ों से छह गुना ज्यादा ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दावा: भारत में अब तक 32 लाख लोगों की कोरोना से हुई मौत, आधिकारिक आंकड़ों से छह गुना ज्यादा
Sat, 08 Jan 2022 08:35 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 08 Jan 2022 08:35 AM IST
सार
अध्ययन में एक लाख 40 हजार लोगों पर टेलीफोनिक सर्वे किया गया। इसके अलावा सरकार की स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली के माध्यम से दो लाख अस्पतालों में मौतों की सूचना दी गई। वहीं 10 राज्यों के नागरिक पंजीकरण प्रणाली में दर्ज की गई मौत के आंकड़ों को भी लिया गया।
विज्ञापन
कोरोना से मौत
- फोटो : PTI
विस्तार
भारत में कोरोना पर हुए एक अध्ययन में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। इसके अनुसार में भारत में कोरोना से कम से कम 32 लाख मौते हुई हैं। यह आंकड़ा भारत सरकार की ओर से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़े से छह गुना अधिक है। जबकि, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से अब तक कुल 483,178 लाख मौते हुई हैं। इस अध्ययन के नतीजे एक प्रतिष्ठित साइंस जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं। अध्ययन में मरने वालों की संख्या का दावा स्वतंत्र व दो सरकारी आंकड़ों के आधार पर किया गया है। यह अध्ययन टोरंटो विश्वविद्यालय की ओर से किया गया, जिसमें भारत, कनाडा और अमेरिका के शोधकर्ता शामिल थे।
विज्ञापन
अप्रैल से जून के बीच हुईं 27 लाख मौतें
रिपोर्ट में पाया गया कि भारत में कोरोना के कारण सबसे ज्यादा मौतें अप्रैल से जून के बीच हुईं। इस दौरान करीब 71 प्रतिशत यानी 27 लाख मौत हुईं। इस अवधि में कोरोना ने मृत्यु दर को दोगुना कर दिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि भारत में आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चार लाख लोगों की कोरोना से मौत, अमेरिका की मृत्यु दर का सातवां हिस्सा है।
विज्ञापन
गलत प्रमाण के चलते मौतों की संख्या कम
शोधकर्ताओं ने पाया कि भारत में गलत या अधूरे प्रमाणों के चलते कोरोना से हुई मौतों की आधिकारिक संख्या कम है। जबकि, शोध में सामने आए नतीजों में छह गुना अधिक मौते हुईं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में कई मौतें ग्रामीण क्षेत्रों में हुई, जिनका अधूरा या गलत प्रमाणन किया गया।
विज्ञापन