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LCA Mark 1A: सरकार ने 97 स्वदेशी लड़ाकू विमानों की खरीद को दी मंजूरी, एचएएल करेगी विमानों का उत्पादन
Tue, 19 Aug 2025 09:21 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 19 Aug 2025 09:21 PM IST
सार
करीब 62,000 करोड़ रुपये की इस मेगा डील के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इन विमानों का निर्माण करेगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह आदेश एलसीए मार्क-1ए विमानों की दूसरी बड़ी खेप है। इससे पहले सरकार ने करीब 48,000 करोड़ रुपये में 83 विमानों की खरीद का आदेश दिया था।
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एलसीए मार्क 1ए
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया अभियान को बढ़ावा देते हुए मंगलवार को भारतीय वायु सेना के लिए 97 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की खरीद की परियोजना को मंजूरी दे दी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि आज एक उच्च-स्तरीय बैठक में 97 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमानों की खरीद को अंतिम मंजूरी दे दी गई और इससे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के लिए इन विमानों के उत्पादन का रास्ता साफ हो जाएगा।
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एलसीए मार्क-1ए विमानों की दूसरी बड़ी खेप मिलेगी
करीब 62,000 करोड़ रुपये की इस मेगा डील के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इन विमानों का निर्माण करेगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह आदेश एलसीए मार्क-1ए विमानों की दूसरी बड़ी खेप है। इससे पहले सरकार ने करीब 48,000 करोड़ रुपये में 83 विमानों की खरीद का आदेश दिया था। नए सौदे से वायुसेना की ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और लंबे समय से सेवा दे रहे मिग-21 विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।
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सूत्रों ने यह भी कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में मिग-21 को पूरी तरह से बेड़े से बाहर कर दिया जाएगा। एलसीए मार्क-1ए एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है, जिसमें पहले से बेहतर एवियोनिक्स, आधुनिक राडार तकनीक और उच्च स्तर की मारक क्षमता है। इनमें 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि एयरोस्पेस उद्योग से जुड़े छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को भी बड़ा व्यापारिक अवसर मिलेगा।
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प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से एचएएल को मजबूती देने पर जोर देते रहे हैं। उनके नेतृत्व में संगठन को स्वदेशी लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और इंजनों के निर्माण के कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। मोदी स्वयं भी एलसीए के ट्रेनर संस्करण में उड़ान भर चुके हैं, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से किसी युद्धक विमान में की गई पहली उड़ान थी।
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सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम ने भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को एक नई पहचान दिलाई है। आने वाले वर्षों में एचएएल को एलसीए मार्क-2 और पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सौदा भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। साथ ही, यह भारत को रक्षा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में मील का पत्थर होगा।