फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India China Tension: India could opt out of Russia-India-China RIC virtual meeting

रूस और चीन के साथ होने वाली आभासी बैठक से दूरी बना सकता है भारत

Wed, 17 Jun 2020 10:15 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Wed, 17 Jun 2020 10:15 PM IST
विज्ञापन
India China Tension: India could opt out of Russia-India-China RIC virtual meeting
Narendra Modi, xi jinping, viladimir putin
एलएसी पर चल रहे तनाव के बीच भारत आगामी 23 जून को रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ होने वाली आभासी बैठक से दूरी बना सकता है। रूस-भारत-चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों के बीच 23 जून को वर्चुअल मीटिंग (आभासी बैठक) होनी है।  
विज्ञापन


हालांकि भारत में रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 23 जून को, रूस के आरआईसी के तहत भारत और चीन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुलाकात करेंगे। वे कोविड-19 महामारी के बाद की वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में रुझानों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए और कई घायल हो गए। हालांकि चीन को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि आरआईसी की बैठक में सीमा पर तनाव एजेंडे में नहीं था। मगर हिन्दुस्तान टाइम्स को सूत्रों से पता चला है कि चीन के साथ मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत का इस बैठक में हिस्सा लेने की संभावना बहुत ही कम है। 

इस बैठक में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आपसी सहयोग को लेकर बात होनी थी और पिछले हफ्ते ही इसका एजेंडा तय हुआ है। अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रों को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट पर भी इस बैठक में बात होनी थी। सूत्रों ने बताया कि पिछले दो दिनों से इसे लेकर बातचीत शुरू हो रही थी और भारत इसमें शायद ही हिस्सा ले। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि रूस अंतिम क्षणों में भारत को बैठक में शामिल होने के लिए मना सकता है।

सूत्रों ने बताया कि मौजूदा स्थिति को लेकर काफी चिंता है लेकिन रूस पर दोनों ही देश भरोसा जताते हैं। ऐसे में सभी के संपर्क में रहना काफी जरूरी है, खासतौर से बहुपक्षीय मुद्दों पर ताकि वैश्विक भरोसे को ज्यादा से ज्यादा जीता जा सके। 


रूस के नई दिल्ली और बीजिंग दोनों से ही अच्छे संबंध है। हाल ही में रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा था कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाने के लिए सीमा पर तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। कुदाशेव ने कहा था कि रूस को भरोसा है कि भारत और चीन का नेतृत्व शांति स्थापित करने की दिशा में काम करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed