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भारत-चीन की टेबल टॉक: एससीओ के भविष्य पर हुआ मंथन, सुरक्षा और व्यापार को बेहतर बनाने पर बनी सहमति

Fri, 17 Apr 2026 10:53 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 17 Apr 2026 10:53 PM IST
सार

नई दिल्ली में 16-17 अप्रैल को भारत और चीन के बीच एससीओ को लेकर द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसमें दोनों देशों ने संगठन के पुराने फैसलों को लागू करने और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। सुरक्षा, व्यापार और आपसी संपर्कों को बेहतर बनाने पर सहमति बनी। 

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चीन और भारत के झंडे - फोटो : Freepik

विस्तार

भारत और चीन ने नई दिल्ली में एससीओ मामलों पर अपनी पहली द्विपक्षीय बातचीत की। नई दिल्ली में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत दोनों देशों ने दो दिवसीय द्विपक्षीय परामर्श आयोजित किया। 16-17 अप्रैल को हुई इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों ने संगठन की भविष्य की दिशा और साझा फैसलों को जमीन पर उतारने की रणनीति साझा की।
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अधिकारियों की अहम मौजूदगी
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयक आलोक ए दिमरी ने किया, वहीं चीनी दल की कमान उनके समकक्ष राजदूत यान वेनबिन के हाथों में रही। बैठक का मुख्य एजेंडा एससीओ नेताओं की ओर से पिछले शिखर सम्मेलनों में लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और संगठन के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करना था।
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सुरक्षा से लेकर व्यापार तक, इन मुद्दों पर बनी बात
परामर्श के दौरान दोनों पक्षों ने विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज से भी मुलाकात की। इस दौरान एससीओ के ढांचे के भीतर चार प्रमुख स्तंभों पर विशेष जोर दिया गया। इसमें, क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद विरोधी उपायों पर सहयोग, आर्थिक रिश्तों को मजबूती देने और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देना है।

दोनों ही पक्ष एससीओ के मंच पर आपसी सहयोग और परामर्श को निरंतर जारी रखने और इसे और मजबूत करने पर सहमत हुए हैं। जानकारों का मानना है कि द्विपक्षीय तनाव के बावजूद, एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भारत और चीन का साथ आना क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

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