{"_id":"573040a14f1c1b07069198a6","slug":"india-china-came-forward-to-india-help-in-nepal","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत नहीं रह गया 'बड़ा भाई', चीन ने दी नेपाल को सबसे ज्यादा मदद","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारत नहीं रह गया 'बड़ा भाई', चीन ने दी नेपाल को सबसे ज्यादा मदद
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 May 2016 01:28 PM IST
विज्ञापन
नेपाल और भारत के संबंधों को लगा बड़ा झटका, चीन ने मारी बाजी
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल सरकार की ऑफिशियल डेवलपमेंट असिस्टेंस (ओडीए) रिपोर्ट के अनुसार 2014-15 में भारत की ओर से नेपाल को दी जाने वाली मदद में 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, जिसकी वजह से चीन को मौका मिला और वह इसमें भारत को पीछे छोड़ते हुए नेपाल को आर्थिक मदद करने वालों की सूची में टॉप पर आ गया है। चीन ने 2015-15 में नेपाल को 37.95 मिलियन डॉलर की मदद की जबकि भारत की ओर से सिर्फ 22 मिलियन डॉलर की मदद मुहैया कराई गई है।
विज्ञापन
बीते पांच साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत नेपाल को मदद करने वाले देशों की सूची में टॉप 5 में भी अपनी जगह नहीं बना पाया है। नेपाल को मदद करने वालो में ब्रिटेन, अमेरिका, जापान, चीन और स्विटजरलैंड शामिल है। हाल ही में नेपाल की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार भारत और चीन नेपाल की तकनीकी मदद भी कर रहे हैं। यह मदद स्टडी टूर, ट्रेनिंग और छात्रवृत्ति के रूप में दी जा रही है। ऐसी मदद को ओडीए में मिलने वाली राशि में पूर्णतया नहीं जोड़ा जाता।
विज्ञापन
बता दें कि भारत और चीन की ओर से नेपाल को दी जाने मदद महत्वपूर्ण है। इससे पहले नेपाल को मिलने वाली मदद पर किसी की निगाह नहीं होती थी लेकिन अब ऐसा होने लगा है। गौरतलब है कि नेपाल में आए भूकंप के बाद भारत की ओर से जहां पुनर्निर्माण के लिए 1400 मिलियन डॉलर देने का वादा किया था वही चीन ने 766 मिलियन डॉलर देने की बात कही थी। ऐसा माना जा रहा है कि नेपाल से चीन की बढ़ रही दोस्ती की वजह वहां के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के फैसले हैं।
विज्ञापन
उनके कई फैसलों से भारत को खासा नुकसान भी पुहंचा है। बता दें कि भारत की ओर बॉर्डर से किसी भी तरह के नाकेबंदी की बात को नकार चुका है। चीन को नेपाल पर बढ़त तभी मिली है जबकि भारत और नेपाल के बीच रणनीतिक संबंधो में काफी उठापठक का दौर था।