{"_id":"591294f54f1c1b0a398509d9","slug":"india-beats-china-in-list-of-nepal-s-top-development","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत ने चीन को फिर पछाड़ा, पड़ोसी नेपाल की आर्थिक मदद करने में अागे","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
भारत ने चीन को फिर पछाड़ा, पड़ोसी नेपाल की आर्थिक मदद करने में अागे
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 10 May 2017 10:49 AM IST
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भारत-चीन संबंध (प्रतीकात्मक)
- फोटो : InShorts
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भारते ने चीन को पछाड़ कर अपनी पुरानी जगह वापस पा ली है। दरअसल, नेपाल को आर्धिक सहायता प्रदान करने के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और वो एक बार फिर इस सूची के टॉप-5 में शामिल हो गया है। पिछले साल चीन इस सूची में चौथे नंबर पर था, जबकि भारत इस सूची से बाहर हो गया था।
नेपाल सरकार की ऑफिशल डिवेलपमेंट असिस्टन्स (ओडीए) रिपोर्ट में नेपाल को आर्थिक मदद देने वाले देशों में भारत का नंबर यूएस, यूके, जापान और स्विटजरलैंड के बाद आता है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में पहली बार नेपाल को आर्थिक मदद देने वाले शीर्ष 5 देशों में भी भारत का नाम नहीं था।
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 16 जुलाई 2015 से लेकर जुलाई 2016 तक, नेपाल को 35 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद की। नेपाल को मिली कुल आर्थिक मदद का यह 3.33 फीसदी ही है, जबकि चीन ने उसे 3.29 फीसदी की आर्थित सहायता की। चीन ने 2014-15 में नेपाल को 37.95 मिलियन डॉलर दिया जबकि भारत की तरफ से 22 मिलियन डॉलर नेपाल सरकार के ओडीए को मुहैया कराया गया था।
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हालांकि चीन नेपाल में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा रहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के पहली छमाही में एफडीआई में 68 फीसदी भागेदारी चीन की है। नेपाल ने आधिकारिक तौर पर चीन के प्रॉजेक्ट ओबोर यानी 'वन बेल्ट, वन रोड' का हिस्सा बनने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
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नेपाल सरकार की ऑफिशल डिवेलपमेंट असिस्टन्स (ओडीए) रिपोर्ट में नेपाल को आर्थिक मदद देने वाले देशों में भारत का नंबर यूएस, यूके, जापान और स्विटजरलैंड के बाद आता है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में पहली बार नेपाल को आर्थिक मदद देने वाले शीर्ष 5 देशों में भी भारत का नाम नहीं था।
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इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 16 जुलाई 2015 से लेकर जुलाई 2016 तक, नेपाल को 35 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद की। नेपाल को मिली कुल आर्थिक मदद का यह 3.33 फीसदी ही है, जबकि चीन ने उसे 3.29 फीसदी की आर्थित सहायता की। चीन ने 2014-15 में नेपाल को 37.95 मिलियन डॉलर दिया जबकि भारत की तरफ से 22 मिलियन डॉलर नेपाल सरकार के ओडीए को मुहैया कराया गया था।
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हालांकि चीन नेपाल में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज करा रहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के पहली छमाही में एफडीआई में 68 फीसदी भागेदारी चीन की है। नेपाल ने आधिकारिक तौर पर चीन के प्रॉजेक्ट ओबोर यानी 'वन बेल्ट, वन रोड' का हिस्सा बनने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।