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India-Bangladesh Talks: भारत-बांग्लादेश के बीच तीसरी कांसुलर वार्ता, मछुआरों की जल्द रिहाई पर भी चर्चा
Mon, 25 Jul 2022 10:53 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 25 Jul 2022 10:53 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद, सीमा पार अपराधों को रोकने और आपसी कानूनी सहायता बढ़ाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग का स्वागत किया।
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भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय रिश्ते
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत और बांग्लादेश ने सोमवार को ढाका में तीसरी कांसुलर वार्ता की और कांसुलर मुद्दों पर समन्वय और सहयोग को मजबूत करने के लिए तंत्र पर व्यापक चर्चा की। इस कांसुलर संवाद तंत्र की स्थापना 2017 में भारत और बांग्लादेश के बीच कांसुलर, वीजा और आपसी कानूनी सहायता सहयोग पर चर्चा और सुधार करने के लिए की गई थी, जिससे लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद मिली।
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सोमवार की वार्ता में एक-दूसरे के हिरासत में लिए गए नागरिकों के प्रत्यावर्तन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को अंतिम रूप देना और हिरासत में लिए गए मछुआरों की जल्द रिहाई शामिल थी। तीसरा भारत-बांग्लादेश कांसुलर संवाद 25 जुलाई 2022 को ढाका में आयोजित किया गया था। डॉ. औसाफ सईद, सचिव (सीपीवी और ओआईए) ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मशफी बिन्ते शम्स, सचिव (पूर्व), एमओएफए ने किया।
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दोनों पक्षों ने कांसुलर मुद्दों पर समन्वय और सहयोग को मजबूत करने के लिए तंत्र पर व्यापक चर्चा की। इनमें एक-दूसरे के हिरासत में लिए गए नागरिकों के प्रत्यावर्तन के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को अंतिम रूप देना और हिरासत में लिए गए मछुआरों की जल्द रिहाई शामिल है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि संशोधित यात्रा व्यवस्था (2018) के तहत पर्यटक, छात्र और व्यावसायिक वीजा से संबंधित प्रावधानों के अधिक गहन कार्यान्वयन और वीजा प्रक्रियाओं व प्रवेश और निकास मानदंडों के और अधिक उदारीकरण से यात्रा में आसानी होगी।
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विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद, सीमा पार अपराधों को रोकने और आपसी कानूनी सहायता बढ़ाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच घनिष्ठ सहयोग का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने नागरिक केंद्रित कांसुलर तंत्र की दिशा में काम करना जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।