नसीहत: क्वाड पर चीन की आपत्ति को भारत-ऑस्ट्रेलिया ने किया खारिज, जयशंकर ने दिया जवाब
जयशंकर ने कहा कि पीछे मुड़कर देखें तो नाटो शब्द शीत युद्ध वाला शब्द है जबकि मुझे लगता है कि क्वाड भविष्य में दिखता है, यह वैश्वीकरण को दिखाता है। साथ ही यह मिलकर काम करने के लिए देशों की जरूरतों को दर्शाता है।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शनिवार को चीन की उस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उसने चार देशों के गठबंधन क्वाड को एक प्रकार का ‘एशियाई नाटो’ करार दिया था। विदेशमंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह जरूरी है कि वास्तविकता को ‘गलत ढंग से पेश’ नहीं किया जाए।
दोनों देशों के विदेश और रक्षामंत्रियों के बीच हुई पहली ‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद चीन द्वारा क्वाड समूह को एशिया का नाटो कहे जाने पर जयशंकर ने कहा कि हम खुद को क्वाड कहते हैं और यह एक ऐसा मंच है जहां चार देश अपने फायदे और दुनिया के लाभ के लिए सहयोग करने आए हैं। उन्होंने कहा कि क्वाड मौजूदा समय में टीके, आपूर्ति शृंखला, शिक्षा और संपर्क जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
जयशंकर ने कहा कि वह इस तरह के मुद्दों और नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) या ऐसे किसी अन्य संगठनों के बीच कोई संबंध नहीं देखते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि वास्तविकता को गलत तरीके से पेश न किया जाए।
ऑस्ट्रेलिया की विदेशमंत्री मारिस पायने ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में फिर से नई ऊर्जा आई है। इसलिए क्वाड जैसे छोटे समूहों और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन या आसियान (दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन) जैसे क्षेत्रीय मंच के जरिए काम करने का अवसर भी है।
उन्होंने कहा कि क्वाड देश आसियान की केंद्रीयता के हिमायती हैं और हम आसियान के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हैं। हम हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण के व्यावहारिक कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे पास एक सकारात्मक और व्यावहारिक एजेंडा है। टीके, जलवायु, महत्वपूर्ण तकनीक के विषय पर काम करने के साथ महामारी के संबंध में दुनिया में गलत सूचनाओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। क्वाड में भारत और ऑस्ट्रेलिया के अलावा अमेरिका व जापान शामिल हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टू प्लस टू वार्ता बहुत सार्थक रही : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली बार हुई टू प्लस टू वार्ता को बहुत ही सार्थक और सकारात्मक करार दिया। साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी पर अपना फोकस करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन का भी धन्यवाद दिया।
टू प्लस टू वार्ता के बाद ऑस्ट्रेेलिया की विदेशमंत्री मारिस पायने और रक्षामंत्री पीटर डटन ने पीएम मोदी से मुलाकात की। पीएम ने देर रात ट्वीट किया कि मारिस पायने और पीटर डटन से मुलाकात कर काफी खुशी हुई।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहली मंत्रिस्तरीय टू प्लस टू वार्ता काफी फलदायी रही। वह हमारे दोनों देशों के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी पर अपना फोकस करने के लिए अपने मित्र स्कॉट मॉरिसन का धन्यवाद करते हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट में कहा कि नेताओं के मार्गदर्शन और भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान की।