फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India and Russia have shown wisdom to understand each other's pain and stand by each other

India-Russia: भारत और रूस ने एक दूसरे का 'दर्द समझने, साथ निभाने' की दिखाई समझदारी

Fri, 05 Dec 2025 09:56 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Fri, 05 Dec 2025 09:56 PM IST
सार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने दो दिवसीय दौर पर भारत और रूस की दोस्ती को नए आयाम दिए हैं। दोनों देशों के रिश्तों के बीच वहीं पुरानी गर्माहट देखने को मिली। इस दौरान दोनों देशों ने कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए हैं। 

विज्ञापन
India and Russia have shown wisdom to understand each other's pain and stand by each other
राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी - फोटो : एएनआई

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत कर भारत ने अपने मित्र देशों को 'आदर' का विश्व संदेश दिया है। कूटनीतिक, सामरिक, रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भी दुनिया को एक बड़ा संदेश देकर भारत से लौट रहे हैं। भारत और रूस ने लंबे समय की दोस्ती को मील का पत्थर बनाने का जज्बा दिखाया। दोनों में विश्वसनीय सहमित बनी है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वाक्य ‘भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह चमकती है’का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री मोदी के इस वाक्य ने दोनों देश के संबंध का सार बता दिया है। ‘ध्रुव तारा’ क्षितिज पर अटल रहता है। दशकों से दोस्ती की इस सहज मिशाल को समझा जा सकता है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को पुराना, पारंपरिक साझीदार बताया है। वायुसेना के पूर्व एयरवाइस मार्शल एनबी सिंह कहते हैं कि जब ‘वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां’जटिल हों तो इससे अच्छी कोई सहमति और समझौते की स्थिति नहीं हो सकती।
विज्ञापन


क्या-क्या हुए अहम समझौते और कहां बनी सहमति?
भारत और रूस के बीच में 23 वीं वार्षिक शिखर बैठक संपन्न हुई। इसमें दोनों देशों ने व्यापार, कारोबार, ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सहयोग को अहम ऊंचाई तक ले जाने का रोडमैप बनाया है। रूस को भारतीय श्रम की आवश्यकता है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच में सहमति बनी है। वहीं रूस ने कृषि प्रधान भारत जैसे देश में उर्रवरक के संयुक्त उत्पादन पर सहमति जताई है। दोनों देशों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच में आपसी सयोग को बढ़ाने पर सहमति बनी है। भारत और रूस यूरेशियन इकोनामी के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मूर्त रूप देने पर काम कर रहे हैं। चेन्नई से रूस के व्लादिवोस्तोक तक स्वतंत्र आवाजाही का रोडमैप तैयार किया जाएगा। शिप बिल्डिंग  के साथ साथ मैरीटाइम क्षेत्र में दोनों देश एक दूसरे के सहयोगी बनेंगे। सी फूड का रूस को निर्यात पर भी सहमति बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रूस ने अपने देश में भारतीयों के निवेश, दोनों देशों द्वारा अपने यहां एक दूसरे की मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा परमाणु उर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों ने पारंपरिक पहल को आगे बढ़ाया है। कोंडलकुलम परमाणु बिजली संयंत्र-1 और 2 बिजली उत्पादन कर रहे हैं। संयंत्र 3 और 3 की क्षमता बढ़ाने का प्रयास जारी है। संयंत्र 5 और 6 तेजी से ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करने की राह हैं। यह छह संयंत्र रूस के सहयोग से भारत में मूर्त रूप ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि वह जल्द ही रूस के लोगों के लिए 30 का  टूरिस्ट वीजा और 30 दिन का ग्रुप टूरिस्ट वीजा देने जा रहे हैं। वैकल्पिक शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के क्षेत्र में भी काम करने पर सहमति बनी है। रूस के राष्ट्रपति ने साफ कहा कि उनका देश भारत को कच्चे ईधन तेल की आपूर्ति को बे-रोक टोक जारी रखेगा।

ये भी पढ़ें : भारत-रूस संबंधों में केसर की सुगंध: पीएम मोदी ने पुतिन को दिए कई उपहार, खास तोहफों में दिखी मित्रता की गर्माहट


कहां नहीं हुई कोई घोषणा?
रूस के साथ सबसे अहम क्षेत्र रक्षा है। रूस के रक्षा मंत्री भारत आए थे। प्रतिनिधिमंडल था, बातचीत हुई, लेकिन किसी बड़े सौदे या समझौते की घोषणा नहीं हुई है। भारत और रूस के राष्ट्राध्यक्षों और खासकर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यात्रा को लेकर कोई ऐसा संदेश नहीं दिया है, जिससे अमेरिका, चीन या अन्य को अंगुली उठाने का अवसर मिले। हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 घंटे से भी कम समय के लिए भारत आए अपने मित्र की खूब मेहमान नवाजी की। मित्र राष्ट्राध्यक्ष ने भी खुले दिल से दोस्त का संदेश दिया।

दुनिया देख रही थी पुतिन का दौरा
यूक्रेन में फरवरी 2022 में युद्ध छेड़ने के बाद पहली बार पुतिन भारत आए थे। इससे पहले वह 2021 में भारत के मेहमान बने थे। अगली साल भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और ईरान के फोरम‘ब्रिक्स’ की मेजबानी भारत को करनी है। इसमें पुतिन फिर भारत आएंगे। ईरान के शिखर नेता भी भारत में होंगे। माना जा रहा है कि इस आयोजन को लेकर भी दोनों देशों में चर्चा हुई होगी। इससे भारत ने रूस के साथ आपसी सहयोग, संबंध, दिवपक्षीय व्यापार समेत अन्य संबंधों को उसी गति से जारी रखने का संदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed