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भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध: दोनों देश इस महीने के अंत तक कर सकते हैं प्रथम चरण के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर
Mon, 21 Mar 2022 02:43 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 21 Mar 2022 02:43 AM IST
सार
भारत और ऑस्ट्रेलिया का व्यापार अनुमानत: 12 अरब अमेरिकी डॉलर का है और उम्मीद की जा रही है कि वस्तुओं और सेवाओं पर प्रथम चरण के समझौते के साथ ही इसमें वृद्धि होगी।
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार व्यापार संबंध मजबूत हो रहे हैं। इस कड़ी में दोनों देश इस महीने के अंत तक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं, जबकि आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी एक वर्चुअल समिट बैठक में 1,500 करोड़ रुपये के निवेश पैकेज की घोषणा करने वाले हैं।
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भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फेरेल ने रविवार को व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते के शुरुआती फसल या पहले चरण के संभावित हस्ताक्षर करने की अंतिम रूप की पुष्टि की। ओ फारेल ने मीडिया से कहा कि हम इस महीने के अंत तक प्रथम चरण के व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर आशान्वित हैं।
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इस समय दोनों देशों का व्यापार अनुमानत: 12 अरब अमेरिकी डॉलर का है और उम्मीद की जा रही है कि वस्तुओं और सेवाओं पर प्रथम चरण के समझौते के साथ ही इसमें वृद्धि होगी। पीएम मोदी और मॉरिसन के बीच जून 2020 में हुई पहली डिजिटल शिखर बैठक के बाद सोमवार को बैठक होने वाली है। उस वक्त भारत-आस्ट्रेलिया संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाया गया था।
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राजनयिक सूत्रों ने कहा कि शिखर सम्मेलन से पता चलेगा कि ऑस्ट्रेलिया और भारत शीर्ष स्तरीय साझेदार हैं और वे तेजी से बदलती दुनिया में व्यापक महत्वाकांक्षा और व्यावहारिक प्रगति के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि मॉरिसन स्वच्छ प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों और अंतरिक्ष क्षेत्र सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश पैकेज (ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 280 मिलियन) की घोषणा करेंगे।
शिखर सम्मेलन में, दोनों पक्षों के दुर्लभ पृथ्वी खनिजों में सहयोग पर एक विशिष्ट घोषणा करने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया में वैश्विक लिथियम उत्पादन का 55 प्रतिशत हिस्सा है और इसके पास वैश्विक लिथियम जमा का 20 प्रतिशत से अधिक है। केंद्रीय खान मंत्री प्रह्लाद जोशी के दुर्लभ पृथ्वी खनिजों से संबंधित विशिष्ट परियोजनाओं का पता लगाने के लिए जल्द ही ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करने की संभावना है।