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गुजरात के विधायक भूपेंद्र खंत का जाति प्रमाणपत्र एक बार फिर रद्द
एजेंसी, अहमदाबाद
Updated Wed, 21 Feb 2018 02:18 AM IST
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- फोटो : DeshGujarat
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गुजरात की मोर्वा हदफ विधानसभा के निर्दलीय विधायक भूपेंद्र सिंह खंत की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। एक जांच समिति ने एक बार फिर से उनके जाति प्रमाणपत्र को अवैध करार दिया है। उन्होंने दावा किया था कि वे आदिवासी समुदाय से हैं।
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पंचमहल जिले की मोर्वा हदफ विधानसभा आदिवासी उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। आदिवासी विकास आयुक्त आरजे मकाडिया की अध्यक्षता वाली जांच आयोग ने कांत के जाति प्रमाणपत्र को अवैध करार दिया है। दरअसल खंत ने खुद को आदिवासी बताए जाने वाले प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाए थे और जांच समिति ने उस दस्तावेजों की जांच के बाद यह फैसला किया।
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दिसंबर, 2017 के विधानसभा चुनाव में खंत ने भाजपा के विक्रम सिंह डिंडोर को चार हजार मतों से हराया था। चुनाव के बाद विधायक ने घोषणा की थी कि वे कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले जनवरी में समिति ने उनके जाति प्रमाणपत्र को अवैध करार दिया था जिसे गुजरात हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
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