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स्वतंत्रता दिवस से जुड़े अनसुने तथ्य: लाल नहीं था लाल किले का रंग, 15 अगस्त 1947 को नहीं तय हुआ था राष्ट्रगान

Tue, 15 Aug 2023 08:31 AM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 15 Aug 2023 08:31 AM IST
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सार
Independence Day Interesting Facts: पढ़ें 77वें स्वतंत्रता दिवस पर भारत की आजादी से जुड़े 15 बेहद खास तथ्य…
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independence day 2023: Here are the interesting facts about the special day
77वां स्वतंत्रता दिवस - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

देश आज अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। आजाद हिन्दुस्तान ने इन 76 वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। अनगिनत स्वतंत्रता सेनाननियों ने बलिदान दिया, कई आंदोलन हुए, वर्षों के संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली। इस स्वतंत्रता दिवस पर आइये जानते हैं भारत की स्वतंत्रता से जुड़े 15 बेहद खास तथ्यों के बारे में…

दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज
दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : ANI
1. वर्तमान में हमारा जो राष्ट्रीय ध्वज है वो कई परिवर्तनों के बाद इस रूप में आया है। मौजूदा रूप वाले तिरंगे को 1921 में तमिलनाडु के एक किसान पिंगली वेंकैया द्वारा बनाया गया था। शुरू में ध्वज में केसरिया और हरा रंग ही थे। बीच में सफेद पट्टी और अशोक चक्र का विचार महात्मा गांधी ने दिया था। माना जाता है कि केसरिया साहस और बलिदान का प्रतीक है, हरा विश्वास और शौर्य का प्रतिनिधित्व करता है और सफेद शांति का प्रतीक है। वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को भारत ने 22 जुलाई 1947 को अपनाया था। 

राष्ट्रीय ध्वज
राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : ANI
2. दिसंबर 2021 तक केवल खादी विकास और ग्रामोद्योग के पास ही हमारे राष्ट्रीय ध्वज को बनाने या आपूर्ति करने का लाइसेंस था। 30 दिसंबर 2021 को इसमें संसोधन किया गया और पॉलिएस्टर से बने राष्ट्रीय ध्वज या मशीन से बने झंडे को भी अनुमति दी गई।

3. देश के पहले स्वतंत्रता दिवस पर कोई राष्ट्रगान नहीं था। 'जन गण मन' का बांग्ला संस्करण 1911 में लिखा गया था। लेकिन इसे हमारे राष्ट्रगान के रूप में 1950 में अपनाया गया।

महात्मा गांधी
महात्मा गांधी - फोटो : अमर उजाला
4. महात्मा गांधी पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा नहीं थे। दरअसल, 15 अगस्त 1947 को महात्मा गांधी नोआखली, बंगाल (अब बांग्लादेश में है) में थे, वहां वह हिंदू-मुस्लिम के बीच उपजे तनाव को खत्म करने का प्रयास कर रहे थे। नौ अगस्त 1947 को वह कोलकाता पहुंचे थे और वहां की बस्तियों में शांति स्थापित करने के लिए काम किया। उन्होंने खून-खराबा रोकने और शांति स्थापित करने के लिए अनशन आरंभ किया था।  

लॉर्ड माउंटबेटन
लॉर्ड माउंटबेटन - फोटो : सोशल मीडिया
5. लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव कैंपबेल जॉनसन के मुताबिक मित्र देश की सेना के सामने जापान के समर्पण की दूसरी वर्षगांठ 15 अगस्त को पड़ रही थी, इसलिए माउंटबेटन 15 अगस्त को भारत को आजादी देने के पक्ष में थे।  
 

6. 15 अगस्त को भारत के साथ-साथ तीन अन्य देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, दक्षिण कोरिया और लिकटेंस्टीन भी स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य अफ्रीका महाद्वीप का तीसरा बड़ा देश है। 15 अगस्त, 1960 में कांगो फ्रेंच औपनिवेशिक शासकों से स्वतंत्रता प्राप्त करने मे सफल रहा। आजादी मिलने के बाद भी फुल्बर्ट यूलौ ने 1963 तक राष्ट्रपति के रूप में शासन किया। 
 
15 अगस्त, 1945 को उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया को जापान से आजादी मिली थी। 15 अगस्त, 1945 को देश डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया बना। 

वहीं, लिकटेंस्टीन दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक हैं। यहां राजतंत्र है।1866 में लिकटेंस्टीन जर्मन से आजादी पाने में सफल रहा तथा 15 अगस्त,1940 को इसे राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाता है।  

महात्मा गांधी
महात्मा गांधी - फोटो : amar ujala
7. महात्मा गांधी चाहते थे कि कांग्रेस पार्टी भंग हो जाए क्योंकि स्वतंत्रता प्राप्त करने का उनका उद्देश्य पूरा हो गया था। हत्या से एक दिन पहले महात्मा गांधी ने 'कांग्रेस का मसौदा संविधान' लिखा था। 

गोवा का खूबसूरत नजारा
गोवा का खूबसूरत नजारा - फोटो : Pixabay
8. जब भारत स्वतंत्र हुआ तब गोवा एक पुर्तगाली शासन के अधीन था। 1961 में यह भारतीय संघ का हिस्सा बना। इसके अलावा भी कई राज्य उस समय अस्तित्व में नहीं थे जो बाद में राज्य बनाए गए। स्वतंत्रता के वक्त भारत में 17 प्रांत और 550 से अधिक रियासतें थीं। ब्रिटिश राज से स्वतंत्रता मिलने के बाद ये रियासतें या तो भारतीय संघ या फिर पाकिस्तान में विलय हो गईं। वर्तमान में भारतीय संघ में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। 
 

जवाहरलाल नेहरू
जवाहरलाल नेहरू - फोटो : SELF
9. देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू एक स्टाइल आइकन थे। वह वोग मैगजीन के एक अंक में नजर आए थे। नेहरू का अनोखा ड्रेसिंग सेंस दुनियाभर में ट्रेंड बन गया। प्रसिद्ध पत्रिका 'टाइम' द्वारा नेहरू जैकेट को 'ग्लोबल फैशन ट्रेंड' के रूप में दर्ज किया गया था।

हिंदी
हिंदी - फोटो : Istock
10. हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है। इसे भारत की पहली आधिकारिक भाषा के रूप में चुना गया और 1949 में इसे घोषित किया गया।

national anthem
national anthem - फोटो : amar ujala
11. भारत का राष्ट्र गान 'जन गण मन अधिनायक जय हे' 27 दिसंबर, 1911 में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक सम्मेलन में गाया गया था। इस गीत को आवाज रवींद्रनाथ टैगोर की भतीजी, सरला देवी चौधरानी ने दी थी। उन्होंने यह गीत स्कूल के एक प्रोग्राम में गाया था। वर्तमान समय में राष्ट्रगान की धुन आंध्र प्रदेश के एक छोटे-से जिले मदनपिल्लै से ली गई है। 

मारग्रेट जो मशहूर कवि जेम्स कजिन की पत्नी थीं वे बेसेंट थियोसोफिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य भी थीं। इन्होंने ही राष्ट्रगान का अंग्रेजी में अनुवाद किया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने राष्ट्रगान का संस्कृतनिष्ठ बांग्ला से हिंदी में अनुवाद करवाया था। राष्ट्रगान का हिन्दी में अनुवाद कैप्टन आबिद अली ने किया था। राष्ट्रगान को संगीत कैप्टन राम सिंह ने दिया।

12. हैदराबाद भारतीय संघ का हिस्सा बनने वाली अंतिम रियासत थी। 26 जनवरी 1950 को हैदराबाद राज्य नियमित तौर पर भारत का हिस्सा बन गया। यह वह दिन था जब भारत का संविधान लागू किया गया था। जनवरी 1950 में एम के वेलोडी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। 

13. 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ। इस लाइन को ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ ने खींची थी।

14. 1975 में सिक्किम भारतीय संघ में शामिल होने वाला अंतिम और 22वां राज्य बना। इससे पहले, सिक्किम एक भारतीय संरक्षित राज्य था। 

लाल किला
लाल किला - फोटो : पीटीआई
15. लाल किले की प्राचीर पर हर साल देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। इस किले का निर्माण पांचवें मुगल बादशाह शाहजहां ने कराया था। साल 2007 में इस किले को यूनेस्को ने विश्व धरोहर की सूची में शामिल कर लिया। लाल किले के बारे में एक बात ज्यादातर लोगों को नहीं पता है, वो ये कि इसका असली रंग लाल नहीं है, बल्कि सफेद है। जब इसका निर्माण हुआ तो इसका ये रंग नहीं था। 

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुताबिक इस इमारत के कई हिस्से चूना पत्थर से बनाए गए थे, जिसकी वजह से इसका रंग सफेद था। बताया जाता है कि कुछ समय बाद चूना पत्थर खराब होकर गिरने लगा था, तो अंग्रेजों ने उस पर लाल रंग करा दिया। इसी वजह से बाद में इसे 'लाल किला' कहा जाने लगा। इसका असली नाम किला-ए-मुबारक है। मुगल शासन में शाही परिवार के लोग इसे मुबारक किला भी कहते थे।
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