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स्वतंत्रता दिवस को 'अखंड भारत दिवस' के रुप में मनाएगा विश्व हिंदू परिषद
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:25 PM IST
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विश्व हिंदू परिषद
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इस बार स्वतंत्रता दिवस को विश्व हिंदू परिषद 'अखंड भारत दिवस' के रुप में मनाएगा। इसके लिए संगठन बुधवार को पूरे देश में तीन हजार जगहों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में हिंदू युवाओं को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि वे हिंदुस्तान को अखंड भारत बनाने के लिए काम करें और यह समझने की कोशिश करें कि हिंदुस्तान का विभाजन कब-कब और किन परिस्थितियों में हुआ।
विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त सचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि इस देश का प्राण हिंदुत्व है। अगर इस देश को अखंड रखना है तो हिंदुत्व को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने दोहरी चुनौती है। एक तो उन्हें इस देश को अखंड बनाए रखना है, दूसरे भारत के पुराने अखंड स्वरुप को प्राप्त करने के लिए भी काम करना है। जब-जब इस देश में हिंदू धर्म का नुकसान हुआ है, तब-तब भारत टूटा है। इसकी शुरुआत आज से तेरह सौ साल पहले ईरान के टूटने से हुई थी जो पाकिस्तान के टूटने तक चलती रही। लेकिन अब कोई ऐसी परिस्थिति न बने, इसके लिए युवाओं को जागरुक होना होगा।
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विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त सचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि इस देश का प्राण हिंदुत्व है। अगर इस देश को अखंड रखना है तो हिंदुत्व को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने दोहरी चुनौती है। एक तो उन्हें इस देश को अखंड बनाए रखना है, दूसरे भारत के पुराने अखंड स्वरुप को प्राप्त करने के लिए भी काम करना है। जब-जब इस देश में हिंदू धर्म का नुकसान हुआ है, तब-तब भारत टूटा है। इसकी शुरुआत आज से तेरह सौ साल पहले ईरान के टूटने से हुई थी जो पाकिस्तान के टूटने तक चलती रही। लेकिन अब कोई ऐसी परिस्थिति न बने, इसके लिए युवाओं को जागरुक होना होगा।
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'फिर उठ रही हैं नापाक आवाजें'
विश्व हिंदू परिषद
- फोटो : Amar Ujala
डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि आज हिंदुस्तान की धरती पर रहकर ही कुछ लोग ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे यह संकेत मिल रहे हैं कि वे भारत के कई और टुकड़े करने के मंसूबे पाल रहे हैं। सीधे शब्दों में देश में गृहयुद्ध की धमकी दी जा रही है। इस तरह की आवाजें पश्चिम बंगाल, कश्मीर, असम से भी आ रही हैं तो दक्षिण से भी कुछ धर्म विशेष के लोग अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके इन बयानों को हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि भारत विभाजन का रास्ता ऐसे ही बयानों से शुरु हुआ था।
जैन ने कहा कि हम देश के मौजूदा भूगोल को बनाए रखने के लिए ही नहीं, भारत के प्राचीन गौरवशाली अखंड भारत के स्वरुप को दोबारा पाने के लिए भी काम कर रहे हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में मानवता को बचाने के लिए अगर कोई सभ्यता कारगर हो सकती है तो वह हिंदू सभ्यता और सनातन संस्कृति हो सकती है, इसलिए युवाओं को उनके भविष्य की चुनौतियों से परिचित कराना आवश्यक है। विहिप नेता ने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन अवश्य आएगा जब भारत अपने प्राचीन अखंड स्वरुप को प्राप्त करेगा।
जैन ने कहा कि हम देश के मौजूदा भूगोल को बनाए रखने के लिए ही नहीं, भारत के प्राचीन गौरवशाली अखंड भारत के स्वरुप को दोबारा पाने के लिए भी काम कर रहे हैं। सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में मानवता को बचाने के लिए अगर कोई सभ्यता कारगर हो सकती है तो वह हिंदू सभ्यता और सनातन संस्कृति हो सकती है, इसलिए युवाओं को उनके भविष्य की चुनौतियों से परिचित कराना आवश्यक है। विहिप नेता ने विश्वास व्यक्त किया कि वह दिन अवश्य आएगा जब भारत अपने प्राचीन अखंड स्वरुप को प्राप्त करेगा।