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Income Tax Relief: 12 लाख से अधिक आय पर कैसे लगेगा टैक्स? 'आप' सांसद राघव चड्ढा ने बताया

Sat, 15 Feb 2025 12:29 PM IST
अमित शर्मा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित शर्मा Updated Sat, 15 Feb 2025 12:29 PM IST
सार

राघव चड्ढा ने कहा कि मार्जिनल टैक्स रिलीफ सिर्फ 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी पर ही लागू होती है। यदि किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 13 लाख रुपये है, तो उसे पूरे 13 लाख रुपये की आमदनी पर टैक्स देना होगा। यदि आय 12.76 लाख रुपये है, तो पूरे 12.76 लाख रुपये पर कर देना होगा, न कि केवल 76,000 रुपये पर।

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Income Tax Relief: How will tax be levied on income above 12 lakh? AAP MP Raghav Chadha explained
राघव चड्ढा - फोटो : twitter @raghav_chadha

विस्तार

केंद्र सरकार ने नए बजट में 12 लाख रुपये तक की आय पर कर राहत दी है। सरकार का दावा है कि अब 12 लाख रुपये वार्षिक यानी एक लाख रुपये हर महीने कमाने वालों को कोई कर नहीं देना होगा, लेकिन आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने कहा है कि सरकार केवल शब्द जाल में लोगों को बहलाने की कोशिश कर रही है। चड्ढा के अनुसार, 12 लाख रुपये से अधिक आय होने पर लोगों को अपनी पूरी आय पर टैक्स देना होगा। इस तरह इसे पूरी तरह आय कर में छूट नहीं कहा जा सकता।   

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शुक्रवार को एक बयान जारी कर चड्ढा ने कहा कि वित्त मंत्री ने तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल करके मिडिल क्लास को असली टैक्स मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की है। राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि उनके बजट भाषण में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। उन्होंने रेल यात्रियों की समस्याएं, मिडिल क्लास की खस्ता माली हालत, अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ और गिरते भारतीय रुपये पर अपनी बात संसद में रखी थी। लेकिन वित्त मंत्री ने इन गंभीर मुद्दों को नजरअंदाज कर दिया और केवल उनके द्वारा टैक्स छूट को लेकर दिए गए एक उदाहरण पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें उन्होंने आयकर छूट के गणित को समझाने की कोशिश की थी।
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सांसद राघव चड्ढा ने अपने वीडियो बयान में कहा कि 12 लाख रुपये की छूट कोई कर छूट (tax exemption) या कटौती (tax deduction) नहीं है, बल्कि यह एक टैक्स रिबेट है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई व्यक्ति वित्तीय वर्ष में 12 लाख से एक रुपये भी अधिक कमाता है, तो उसे पूरी आमदनी पर टैक्स देना होगा। 
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13 लाख रुपये की आय पर देना होगा पूरा टैक्स
राघव चड्ढा ने कहा कि मार्जिनल टैक्स रिलीफ सिर्फ 12.75 लाख रुपये तक की आमदनी पर ही लागू होती है। यदि किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 13 लाख रुपये है, तो उसे पूरे 13 लाख रुपये की आमदनी पर टैक्स देना होगा। यदि आय 12.76 लाख रुपये है, तो पूरे 12.76 लाख रुपये पर कर देना होगा, न कि केवल 76,000 रुपये पर। चड्ढा ने कहा कि वित्त मंत्री को निजी हमले करने से बचना चाहिए।

नया स्लैब नहीं
टैक्स कंसल्टेंट सीए पारुल अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि केंद्र सरकार ने आयकर के लिए किसी नए स्लैब का निर्धारण नहीं किया है। इस तरह यदि वास्तविक शून्य आयकर की बात करें तो यह केवल चार लाख रुपये ही है। यानी किसी व्यक्ति की आय चार लाख रुपये वार्षिक या उससे कम है तो उसे कोई आयकर नहीं देना पड़ता है। 

इसके बाद चार लाख रुपये से आठ लाख रुपये तक पांच प्रतिशत, आठ लाख से 12 लाख रुपये तक पर 10 प्रतिशत, 12 लाख से 16 लाख पर 15 प्रतिशत, 16 लाख से 20 लाख रुपये तक पर 20 प्रतिशत, 20 लाख से 24 लाख रुपये तक पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत का आयकर देना होता है।  

उदाहरण से समझें
मेनस्टे टैक्स एडवाइजर्स के टैक्स एक्सपर्ट सीए कुलदीप कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री कर दिया है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति की आय 12 लाख रुपये से अधिक होती है तो उसे अपनी पूरी आय पर टैक्स देना होता है। लेकिन इसके बाद भी उन करदाताओं को मार्जिनल टैक्स रिलीफ के द्वारा कर राहत दी जाती है जिनकी आय 12 लाख रुपये से बहुत अधिक न हो। 


मान लीजिए कि किसी व्यक्ति की कुल वार्षिक आय 12.70 लाख रूपये है तो इस व्यक्ति की का कुल कर 70,500 रुपये के लगभग बनता है, लेकिन चूंकि इस व्यक्ति की आय सीमा 12 लाख रुपये के बहुत करीब है, इसलिए इसे मार्जिनल रिलीफ देते हुए केवल 12 लाख रुपये से अधिक आय (इस मामले में 70 हजार रुपये) यानी केवल 70 हजार रुपये ही टैक्स के रूप में चुकाने होंगे। इस तरह इस व्यक्ति को 500 रुपये की अतिरिक्त राहत मिल जाती है, लेकिन जिस व्यक्ति की कुल वार्षिक आय 12.75 लाख रुपये है, उसका कुल कर 71,250 रुपये बनेगा। लेकिन इस व्यक्ति को मार्जिनल रिलीफ का लाभ नहीं मिलेगा और उसे अपना पूरा टैक्स 71,250 रुपये देना पड़ेगा।  

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