{"_id":"583207194f1c1bb504b39eb0","slug":"income-tax-department-warned-on-black-money-over-demonetisation","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयकर विभाग की चेतावनी, दूसरे का पैसा जमा किया तो 7 साल की जेल","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आयकर विभाग की चेतावनी, दूसरे का पैसा जमा किया तो 7 साल की जेल
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Mon, 21 Nov 2016 07:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयकर विभाग ने किसी दूसरे के काले धन को अपने खाते में जमा कराने को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। विभाग ने ऐसे मामलों में बेनामी लेनदेन कानून को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माने और सात साल तक कड़े कारावास का प्रावधान है।
इसी संबंध में अधिकारियों ने कहा है कि विभाग द्वारा कालेधन के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर की गई 30 जगहों पर छापेमारी और 80 से अधिक सर्वे में 200 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला है। आठ नवंबर के बाद से इन ऑपरेशनों में करीब 50 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने देशभर में ऐसे संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की मुहिम चलाई है, जिसमें आठ नवंबर के बाद 500 और 1000 रुपये के नोटों में बड़ी रकम जमा की गई। मामला सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून, 1988 के तहत मुकदमा चलेगा। इस कानून को इसी साल एक नवंबर को प्रभावी बनाया गया था। यह कानून आयकर विभाग को जमा राशि को जब्त करने और दोनों (जमाकर्ता और जिसका वास्तविक पैसा है) के खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार देता है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर विभाग से ऐसे लेनदेन पर करीबी नजर रखने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में कुछ उदाहरण सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
इसी संबंध में अधिकारियों ने कहा है कि विभाग द्वारा कालेधन के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर की गई 30 जगहों पर छापेमारी और 80 से अधिक सर्वे में 200 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला है। आठ नवंबर के बाद से इन ऑपरेशनों में करीब 50 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं।
विज्ञापन
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने देशभर में ऐसे संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की मुहिम चलाई है, जिसमें आठ नवंबर के बाद 500 और 1000 रुपये के नोटों में बड़ी रकम जमा की गई। मामला सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून, 1988 के तहत मुकदमा चलेगा। इस कानून को इसी साल एक नवंबर को प्रभावी बनाया गया था। यह कानून आयकर विभाग को जमा राशि को जब्त करने और दोनों (जमाकर्ता और जिसका वास्तविक पैसा है) के खिलाफ मुकदमा चलाने का अधिकार देता है।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर विभाग से ऐसे लेनदेन पर करीबी नजर रखने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में कुछ उदाहरण सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करने की तैयारी में है।