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सीसीडी के संस्थापक सिद्धार्थ ने 658 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति स्वीकारी थी: आयकर विभाग

Sun, 04 Aug 2019 10:13 AM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Sun, 04 Aug 2019 10:13 AM IST
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In the year 2017 CCD founder VG Siddhartha admitted to 685 crore rupees unaccounted assets says IT
वीजी सिद्धार्थ - फोटो : ट्विटर

कैफे कॉफी डे (सीसीडी) समूह के पूर्व प्रमुख वीजी सिद्धार्थ ने आयकर विभाग (आईटी) को दिए बयान में 23 सितंबर, 2017 को "स्वेच्छा से" 658 करोड़ रुपये से अधिक की "बेहिसाब" आय को स्वीकार किया था, और उदारता की मांग की थी।

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धार्थ ने हस्ताक्षर के साथ बयान में कहा था, "ऊपर दी गई जानकारी के अनुसार मैं 658,74,76,720 रुपये की बेहिसाब आय को स्वीकार करता हूं। मैं इस बात की पुष्टि करता हूं कि मैं अपनी स्वीकारोक्ति का पालन करूंगा और आगे की कार्यवाही में सहयोग करूंगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप आयकर अधिनियम के दंड प्रावधानों को लागू करने में उदार रहें।" 
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बयान के अनुसार, 2012-13 के आकलन वर्ष में विभिन्न कंपनियों में शेयरों की खरीद और बिक्री मूल्य के अंतर के कारण 204 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब राशि शामिल है। 
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21 सितंबर, 2017 में सिद्धार्थ के कैफे कॉफी डे के परिसर में खोजी कार्रवाई के बाद ये बयान दर्ज किया गया था। 71 सवाल-जवाब का बयान 23 सितंबर को रिकॉर्ड हुआ था। जिसमें बीच में कई ब्रेक भी शामिल हैं। 

अपने हस्ताक्षर किए बयान में सिद्धार्थ ने कहा था "जो भी मैंने बयान में कहा है वह सच और सही है। जो भी मैंने बयान में कहा है वह बिना किसी प्रभाव और दबाव के कहा है। यदि कुछ गलत होता है, तो मैं उसके परिणामों से अवगत हूं। मैंने उपर्युक्त कथन को पढ़ा है।" उन्होंने ये बात बंगलूरू में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स (इन्वेस्टिगेशन) के समक्ष कही थी। 

सिद्धार्थ का शव मंगलूरू के हौजी बाजार के पास नेत्रावती नदी के किनारे से बुधवार को बरामद हुआ था। उनके लापता होने के 36 घंटे बाद उनका शव मिला था। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ ने 27 जुलाई को कंपनी के बोर्ड मेंबर्स और कर्मियों के लिए खत भी लिखा था। जिसमें उन्होंने अपनी परेशानियों के बारे में बताया है। इस खत में उन्होंने कंपनी को हो रहे भारी नुकसान और कर्ज का भी जिक्र किया। इतना ही नहीं उन्होंने आयकर विभाग के पूर्व डीजी के दबाव की भी बात कही है। 

खत में उन्होंने कहा है कि आयकर विभाग का पूर्व डीजी उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। सिद्धार्थ ने लिखा है कि दो मौकों पर हमारे शेयर अचैट कर हमारी माइंड ट्री डील को ब्लॉक किया गया। हमने रिवाइज रिटर्न भर दिए थे, लेकिन हमारे कॉफी डे के शेयर पजेस कर लिए गए। यह बहुत गलत था इससे हमारे पास कैश की भारी किल्लत हो गई।


हालांकि कंपनी के बोर्ड ने बीएसई को बताया था कि पत्र की प्रामाणिकता पूरी तरह सत्यापित नहीं है और मामले की जांच की जाएगी। कर्नाटक और गोवा के ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स ने भी 30 जुलाई को पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया था।

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