यूएनएचआरसी की बैठक में भारत ने पड़ोसी मुल्क को लताड़ा, कहा- आतंकवादी बनाने का कारखाना है पाकिस्तान
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सम्मेलन में पाकिस्तान व इस्लामिक देशों के संगठनों के बयानों को यूएन में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव पवन कुमार बाधे ने सिरे से खारिज किया है। बाधे ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अपने दुर्भावनापूर्ण प्रचार के लिए इस मंच का जानबूझकर दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि उसका मकसद अपने देश में मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघनों से परिषद का ध्यान हटाना है।
Pakistan’s deliberate misuse of this august forum for its malicious propaganda against India, aimed at diverting Council's attention from its own serious violations of human rights, has remained a constant: Pawankumar Badhe, First Secy, Permanent Mission of India to UN, at UNHRC pic.twitter.com/hdaswrVMrw
— ANI (@ANI) March 2, 2021विज्ञापन
पवन कुमार बाधे ने आगे कहा कि, 'पाकिस्तानी नेताओं ने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि यह आतंकवादियों के उत्पादन का कारखाना बन गया है। पाकिस्तान ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया है कि आतंकवाद मानवाधिकारों के हनन का सबसे खराब रूप है और आतंकवाद के समर्थक मानव अधिकारों का सबसे बुरा हनन करते हैं।'
Pakistani leaders have admitted the fact that it has become a factory for producing terrorists. Pakistan has ignored that terrorism is the worst form of human rights abuse and the supporters of terrorism are the worst abusers of human rights: Pawankumar Badhe
— ANI (@ANI) March 2, 2021
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान में उसके खिलाफ बोलने की कोशिश करने वालों की बड़े पैमाने पर असाधारण हत्याएं की जाती हैं और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उन्हें अभद्रता के साथ अंजाम दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह खेदजनक है कि इस्लामिक सहयोग संगठन पाकिस्तान द्वारा भारत विरोधी दुष्प्रचार करने के लिए खुद को शोषित करने की अनुमति देता रहता है।