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IN-SPACe: अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की एक और पहल, स्टार्ट अप के लिए प्रयोगशाला का हुआ अनावरण
Fri, 31 Mar 2023 12:23 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 31 Mar 2023 12:23 AM IST
सार
इन-स्पेस के एक बयान में कहा गया है कि लैब में 16 वर्कस्टेशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मल्टी-कोर (400 कोर तक) सर्वर वाले कंप्यूटिंग संसाधन भी है।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारत ने अहमदाबाद में एक अत्याधुनिक डिजाइन प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्ट-अप को तेजी से अपने नए विचारों को कार्यान्वयन योग्य मॉडल में बदल कर उसे सक्षम बनाना है। बता दें कि इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) की स्पेस सिस्टम डिजाइन लैब का उद्घाटन इस सप्ताह के शुरू में ही हुआ था। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने इस लैब का उद्घाटन अहमदाबाद के बोपल में किया था।
इन-स्पेस (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा कि इन-स्पेस डिज़ाइन लैब में मिशन सिमुलेशन, मॉडलिंग, विज़ुअलाइजिंग, पेलोड और अंतरिक्ष यान, ग्राउंड स्टेशन और लॉन्च वाहन एवियोनिक्स के अनुकूलन के लिए हाई एंड एनालिसिस और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला संसाधन कम से कम पुनरावृत्तियों के साथ प्रोटोटाइप बनाने में मदद करेंगे। इससे टर्नअराउंड समय और स्टार्ट-अप के लिए अनुसंधान और विकास लागत में कमी आएगी।
सोमनाथ ने कहा कि ऐसी सुविधाएं गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाएंगी।उन्होंने कहा, " एनजीई की भागीदारी का लक्ष्य अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के पैमाने को वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इसरो इस दिशा में एनजीई के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
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इन-स्पेस के एक बयान में कहा गया है कि लैब में 16 वर्कस्टेशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मल्टी-कोर (400 कोर तक) सर्वर वाले कंप्यूटिंग संसाधन भी है। सॉफ्टवेयर संसाधनों में सिस्टम टूल किट, एडवांस डिजाइन सिस्टम, पाथवेव सिस्टम डिजाइन, हाई फ्रीक्वेंसी स्ट्रक्चर सिमुलेशन, 3डी सीएडी मच 3, सिमसेंटर 3डी स्पेस सिस्टम (थर्मल एंड कूलिंग), फाइनाइट एलीमेंट एनालिसिस स्ट्रक्चर (फीस्ट) और ऑप्टिकस्टूडियो (जेमैक्स) शामिल हैं। ये अंतरिक्ष प्रणालियों के आरएफ, संरचनात्मक और थर्मल डिजाइन और विश्लेषण के लिए मिशन योजना में योगदान कर सकते हैं।
इन-स्पेस सॉफ्टवेयर पैकेजों का उपयोग करने के लिए एनजीई को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। अंतरिक्ष प्रणाली डिजाइन प्रयोगशाला में समय-समय पर प्रशिक्षण और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएगी। इससे पहले, इन-स्पेस ने प्रारंभिक चरण के अंतरिक्ष स्टार्ट-अप के लिए एक करोड़ रुपये की सीड फंड योजना की घोषणा की थी।इसमें स्टार्ट-अप शामिल हैं जो सेक्टर में अपस्ट्रीम या मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं।
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इन-स्पेस (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने कहा कि इन-स्पेस डिज़ाइन लैब में मिशन सिमुलेशन, मॉडलिंग, विज़ुअलाइजिंग, पेलोड और अंतरिक्ष यान, ग्राउंड स्टेशन और लॉन्च वाहन एवियोनिक्स के अनुकूलन के लिए हाई एंड एनालिसिस और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला संसाधन कम से कम पुनरावृत्तियों के साथ प्रोटोटाइप बनाने में मदद करेंगे। इससे टर्नअराउंड समय और स्टार्ट-अप के लिए अनुसंधान और विकास लागत में कमी आएगी।
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सोमनाथ ने कहा कि ऐसी सुविधाएं गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाएंगी।उन्होंने कहा, " एनजीई की भागीदारी का लक्ष्य अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के पैमाने को वैश्विक अर्थव्यवस्था के दो प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इसरो इस दिशा में एनजीई के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
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इन-स्पेस के एक बयान में कहा गया है कि लैब में 16 वर्कस्टेशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मल्टी-कोर (400 कोर तक) सर्वर वाले कंप्यूटिंग संसाधन भी है। सॉफ्टवेयर संसाधनों में सिस्टम टूल किट, एडवांस डिजाइन सिस्टम, पाथवेव सिस्टम डिजाइन, हाई फ्रीक्वेंसी स्ट्रक्चर सिमुलेशन, 3डी सीएडी मच 3, सिमसेंटर 3डी स्पेस सिस्टम (थर्मल एंड कूलिंग), फाइनाइट एलीमेंट एनालिसिस स्ट्रक्चर (फीस्ट) और ऑप्टिकस्टूडियो (जेमैक्स) शामिल हैं। ये अंतरिक्ष प्रणालियों के आरएफ, संरचनात्मक और थर्मल डिजाइन और विश्लेषण के लिए मिशन योजना में योगदान कर सकते हैं।
इन-स्पेस सॉफ्टवेयर पैकेजों का उपयोग करने के लिए एनजीई को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। अंतरिक्ष प्रणाली डिजाइन प्रयोगशाला में समय-समय पर प्रशिक्षण और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएगी। इससे पहले, इन-स्पेस ने प्रारंभिक चरण के अंतरिक्ष स्टार्ट-अप के लिए एक करोड़ रुपये की सीड फंड योजना की घोषणा की थी।इसमें स्टार्ट-अप शामिल हैं जो सेक्टर में अपस्ट्रीम या मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं।