पहली बार मीडिया से बोले जज- SC में सबकुछ ठीक नहीं, यही रहा तो लोकतंत्र नहीं चलेगा
देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा न्यायाधीशों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी और कहा कि सब कुछ ठीक नहीं है। जजों ने पिछले दो महीने के बिगड़े हालातों पर अपनी बात रखने के लिए प्रेस का सहारा लिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था ठीक नहीं चल रही है। जजों का इशारा सीधे-सीधे चीफ जस्टिस की ओर था।
हालांकि चारों जजों के सामने आने के बाद अब चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखेंगे। खबर है कि जल्द ही वह भी प्रेस कान्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखेंगे, इस दौरान उनके साथ अटार्नी जनरल भी मौजूद रह सकते हैं।
Chief Justice of India Dipak Misra to address the media at 2 pm, Attorney General to also accompany him. pic.twitter.com/0CLVtBsyv2
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 12, 2018
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भी केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को तलब कर लिया है। सूत्रों के अनुसार पीएम ने इस मुद्दे पर कानून मंत्री से बात की है। वहीं माना ये भी जा रहा है कि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ा है, जो आपसी विवाद के कारण बाहर आ गया है।
Prime Minister Narendra Modi spoke to Law Minister RS Prasad about the allegations made by the 4 Supreme Court judges: Sources pic.twitter.com/oxegTQkDRG
— ANI (@ANI) January 12, 2018
क्या बोले चारों जज
जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा- हम नहीं चाहते कि हम पर कोई सवाल उठाए और न्यायपालिका की निष्ठा पर सवाल उठे। उन्होंने कहा कि हमने कई बार गड़बड़ियों को लेकर CJI से शिकायत की, लेकिन सब बेकार चला गया। किसी देश के लोकतंत्र के लिए जजों की स्वतंत्रता जरूरी है, इन हालात में तो लोकतंत्र सरवाइव नहीं कर पाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सीजेआई को चिट्ठी भी लिखी थी लेकिन उस पर कोई जवाब नहीं आया। जजों ने वह चिट्टी मीडिया में भी दिखाई।
#FLASH Judges J.Chelameswar, Ranjan Gogoi, Madan Lokur and Kurian Joseph release 7 page letter, that they wrote to the Chief Justice of India Dipak Misra. pic.twitter.com/2dQ5fzTDF8
— ANI (@ANI) January 12, 2018
जब मीडिया ने जस्टिस लोया की संदिग्ध मौत पर सवाल उठाया तो जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि केस को अलॉट किए जाने की जरूरत है।
There is an issue of assignment of a case which is raised in that letter (to CJI): Justice Ranjan Gogoi, on being asked further if it is about CBI Judge BH Loya, he said, 'yes.' pic.twitter.com/aeZAwg04i7
— ANI (@ANI) January 12, 2018