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बढ़ रहे बीमार: देश के इन चार राज्यों में कोरोना के हालात चिंताजनक, दिल्ली, यूपी और केरल में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण

Thu, 21 Apr 2022 04:57 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 21 Apr 2022 04:57 PM IST
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सार
आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि देश के जिन राज्यों में यथास्थिति बरकरार थी या फिर संक्रमण में कमी देखी जा रही थी, उनके मुकाबले 10 राज्यों के अधिकतर जिलों में संक्रमण दर में तेजी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 36 में संक्रमण में बढ़ोतरी देखी जा रही है। केरल के चार जिलों में संक्रमण की दर में कमी देखी जा रही थी, वहीं अब इसके मुकाबले 10 जिलों में संक्रमण की दर बढ़ रही है...
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In most districts of 10 states, the coronavirus infection rate is increasing rapidly
देश में कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

देश में एक बार फिर कोरोना तेजी से बढ़ता जा रहा है। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में बढ़ते संक्रमण के मामलों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महामारी के बढ़ते मामलों पर अमर उजाला डिजिटल ने आंकड़ों का विश्लेषण किया जिससे अंदाजा मिलता है कि 16 से 19 अप्रैल के बीच 233 जिलों (कुल 727 जिले में से) में संक्रमण की दर में काफी तेजी आई। दिल्ली में 11 और 18 अप्रैल के बीच रोजाना दर्ज होने वाले कोविड मामलों में करीब तीन गुना वृद्धि देखी जा रही है। सोमवार को दिल्ली में संक्रमण की दर ने 7.7 फीसदी के आंकड़े को पार कर लिया, जो मंगलवार को (कोविड के 632 ताजा मामले) कम होकर 4.4 फीसदी तक रहा। देश के कुल कोरोना संक्रमण मामले में दिल्ली की हिस्सेदारी 20 फीसदी तक रही।



उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि देश के जिन राज्यों में यथास्थिति बरकरार थी या फिर संक्रमण में कमी देखी जा रही थी, उनके मुकाबले 10 राज्यों के अधिकतर जिलों में संक्रमण दर में तेजी देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 36 में संक्रमण में बढ़ोतरी देखी जा रही है। केरल के चार जिलों में संक्रमण की दर में कमी देखी जा रही थी, वहीं अब इसके मुकाबले 10 जिलों में संक्रमण की दर बढ़ रही है। 16 और 19 अप्रैल के बीच पांच फीसदी से अधिक संक्रमण वाले जिलों की संख्या 34 से बढ़कर 36 हो गई। दूसरी तरफ, 16 और 19 अप्रैल के बीच दिल्ली में केवल एक जिले ने पांच फीसदी से अधिक संक्रमण दर दर्ज की। राष्ट्रीय राजधानी के चार जिलों में पांच फीसदी से अधिक संक्रमण दर दर्ज की गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को लिखा पत्र

इधर, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। मुंबई में करीब डेढ़ महीने बाद संक्रमण के ताजा मामलों ने 80 के स्तर को पार किया। वहीं गुजरात के एक अन्य व्यक्ति में भी एक्सई वैरिएंट का संक्रमण मिला था, जिसने मुंबई की यात्रा की थी। हालांकि उनके संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में एक्सई स्वरूप का संक्रमण नहीं पाया गया। कोरोना वायरस का एक्सई स्वरूप सार्स-कोव-2 वायरस के ओमीक्रॉन वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है।

देश में लगातार बढ़ते संक्रमण पर केंद्र सरकार ने भी नजर बनाई हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने 19 अप्रैल को महाराष्ट्र, मिजोरम, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा, जिसमें इन राज्यों में संक्रमण की बढ़ती दर की ओर इशारा किया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन राज्यों से गुजारिश की कि वे संक्रमण के प्रसार की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करें। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस वक्त आईसीयू बेड की मांग नहीं है। ज्यादातर मरीज घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं। अगर संक्रमण के मामले बढ़े भी तब हम हालात के अनियंत्रित होने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।

तीन महीने में पहली बार 'आर वैल्यू' एक से ऊपर

चेन्नई के गणितीय विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के एक शोधकर्ता का अनुमान है कि कोविड-19 के लिए भारत में प्रभावी रिप्रोडक्शन नंबर (आर) जनवरी के बाद पहली बार बढ़कर एक से अधिक हो गया है। यह नंबर बताता है कि संक्रमण कितनी तेजी से फैल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में लगातार बढ़ रही आर वैल्यू 12-18 अप्रैल के बीच के सप्ताह के लिए 1.07 थी, जबकि 5-11 अप्रैल के सप्ताह में यह 0.93 थी। पिछली बार आर वैल्यू एक से ऊपर (1.28) 16-22 जनवरी के बीच के सप्ताह में थी। महामारी की शुरुआत से ही भारत के लिए आर वैल्यू पर नजर रखने वाले गणितज्ञ ने बताया, आर-वैल्यू में यह बढ़ोतरी सिर्फ दिल्ली की वजह से ही नहीं हो रही, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कारण भी हुई है। एक से अधिक आर वैल्यू से पता चलता है कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। महामारी को नियंत्रित करने के लिए आर वैल्यू एक से नीचे होनी चाहिए।

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