फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   In a trademark dispute between 'Rooh-Afza' and 'Dil-Afza' SC refused a petition against Delhi HC order

'Rooh-Afza' VS 'Dil-Afza': शरबत दिल अफजा को फिर झटका, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार

Wed, 17 May 2023 11:53 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Wed, 17 May 2023 11:53 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘शरबत दिल अफजा’ नाम के पेय पदार्थ के उत्पादन एवं बिक्री पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी जब तक कि ‘रूह अफजा’ की निर्माता हमदर्द दवाखाना की याचिका का निपटारा नहीं हो जाता।

विज्ञापन
In a trademark dispute between 'Rooh-Afza' and 'Dil-Afza' SC refused a petition against Delhi HC order
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

‘रूह अफजा’ और ‘शरबत दिल अफजा’ के बीच एक ट्रेडमार्क विवाद चल रहा है। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘शरबत दिल अफजा’ नाम के पेय पदार्थ के उत्पादन एवं बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ सुप्रीम में एक याचिका दायर की गई। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। 

विज्ञापन


CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि 'रूह-अफजा' की पूरे भारत में एक अच्छी प्रतिष्ठा है। 

दिल्ली HC ने यह सुनाया था फैसला
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘शरबत दिल अफजा’ नाम के पेय पदार्थ के उत्पादन एवं बिक्री पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी जब तक कि ‘रूह अफजा’ की निर्माता हमदर्द दवाखाना की याचिका का निपटारा नहीं हो जाता। इस याचिका में हमदर्द ने ट्रेडमार्क के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। 
विज्ञापन


न्यायूमर्ति विभू बाखरू और न्यायूमर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा था कि प्रथम दृष्टया ‘रूह अफजा’ एक सदी से भी अधिक समय से हमदर्द की पहचान बना हुआ है और इसने अच्छी साख कमाई है। पीठ ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रतिस्पर्धी इस चिह्न से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन


हमदर्द ने अपील दायर की थी
इससे पहले एकल न्यायाधीश की पीठ ने ‘दिल अफजा’ की विनिर्माता सदर लैबोरेटरीज को कथित ट्रेडमार्क उल्लंघन से रोकने के लिए अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ हमदर्द ने अपील दायर की थी। अदालत ने 21 दिसंबर के आदेश में कहा था किसी भी व्यक्ति को ‘दिल अफजा’ के लेबल का देखकर ‘रूह अफजा’ की याद आएगी क्योंकि ‘अफजा’ शब्द एक है और अंग्रेजी में अनुवाद करने पर ‘रूह’ और ‘दिल’ के अर्थ का संयोजन के तौर पर इस्तेमाल होता है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed