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केरल विधानसभा चुनाव: माकपा को झटका, अंबलप्पुझा के पूर्व विधायक सुधाकरन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का किया एलान
Thu, 12 Mar 2026 01:17 PM IST
Asmita Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Asmita Tripathi
Updated Thu, 12 Mar 2026 01:17 PM IST
सार
केरल में विधानसभा चुनाव के बीच माकपा को बड़ा झटका लगा है। माकपा के वरिष्ठ नेता जी सुधाकरन ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।
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माकपा नेता सुधाकरन
- फोटो : फेसबुक@Comrade.G.Sudhakaran
विस्तार
केरल में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी बीच माकपा को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता जी सुधाकरन ने गुरुवार को पार्टी से अपने सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में इस तटीय जिले के अपने गृह क्षेत्र अंबलप्पुझा से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की। सुधाकरन ने हाल ही में घोषणा की कि वह पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करेंगे। कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन पर व्यक्तिगत रूप से हमला किया। इसके बाद ही उन्होंने यह फैसला लिया है।
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यूडीएफ से समर्थन का कोई सवाल ही नहीं
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस निर्वाचन क्षेत्र में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे, जो की माकपा का गढ़ है। उन्होंने कहा, "यूडीएफ से समर्थन का कोई सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि मैंने इसके लिए अनुरोध नहीं किया है। मैंने किसी से बात नहीं की है।" पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि वह अपने चुनाव अभियान के तहत दीवार पर चित्रकारी या सम्मेलन आयोजित नहीं करेंगे।
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राजनीतिक मुद्दों पर करेंगे बात
उन्होंने कहा, "मैंने किसी से समर्थन नहीं मांगा है।" सुधाकरन ने कहा कि वह चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर बात करेंगे लेकिन सरकार के खिलाफ नहीं बोलेंगे। उन्हें यह नहीं पता कि सत्ता विरोधी लहर है या नहीं।उन्होंने कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलेंगे। सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने राज्य समिति को कोई शिकायत नहीं सौंपी थी। निचले स्तर पर ही मुद्दों को सुलझा लिया था।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री या पार्टी नेतृत्व से हस्तक्षेप या टिकट मांगने के लिए कभी संपर्क नहीं किया था। अपने बारे में हालिया खबरों का जिक्र करते हुए सुधाकरन ने कहा कि मीडिया में उनके नाम से दिए गए कई बयान गलत थे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी खबरें थीं कि वह यूडीएफ के समर्थन से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे, जिसे उन्होंने दुष्प्रचार करार दिया।
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सुधाकरन ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने उनसे सुलह के लिए संपर्क नहीं किया, हालांकि कुछ नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि वे 68 साल पहले, जब वे स्कूल में थे, तब पार्टी में शामिल हुए थे और 1967 में एसएन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। उन्होंने कहा, "मैंने किसी के दबाव में आकर पार्टी में शामिल नहीं हुआ।"आगे उन्होंने कहा, "पार्टी की सदस्यता छोड़ने के बाद, मैं संगठनात्मक कार्यों से भी मुक्त हो जाऊंगा। लेकिन मैं पार्टी की विचारधारा और नीतियों को नहीं छोड़ रहा हूं।"