पाकिस्तानी प्रधानमंत्रियों के छल कपट की कहानी: एक ने लादेन से वसूले 1.5 अरब रुपये तो दूसरे ने उसे मौत दिलाई
साल 2019 में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अमेरिका यात्रा के दौरान यह बयान दिया था कि लादेन के ठिकाने की सूचना लीक की गई थी। पाकिस्तान ने ही अमेरिका को वह जानकारी दी थी। अमेरिकी सील्स कमांडो की एक पॉकेट गाइड, जो लादेन के ठिकाने से बरामद हुई थी, उसमें भी ऐसी जानकारी लिखी थी। एब्टाबाद के जिस मकान में लादेन रहता था, वहां रहने वाले दूसरे सदस्यों के नाम, उनकी आयु और हुलिया भी लिखा था...
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अफगानिस्तान की तालिबान सरकार में पाकिस्तान के हस्तक्षेप को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। खासतौर पर, अफगान नागरिक, पड़ोसी देश की इन हरकतों से बहुत नाराज हैं। काबुल के अलावा दिल्ली में भी अफगान लोगों ने पाकिस्तान के छल कपट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। पंजशीर में भी पाकिस्तान की सेना ने बड़े पैमाने पर तालिबान की मदद की है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के धोखे को अब सभी लोगों ने समझ लिया है। उसके छल कपट की कहानी बहुत लंबी है। पाकिस्तान सरकार, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों से खुद को आतंकवाद से दूरी बनाते हुए दिखाना चाहती है। सच्चाई यह है कि पाकिस्तान आज भी अपनी जमीं पर दर्जनभर आतंकी समूहों को अपनाए हुए है। पाकिस्तान के दो प्रधानमंत्रियों ने अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को भी नहीं बख्शा। एक प्रधानमंत्री ने लादेन से डेढ़ अरब रुपये ले लिए तो दूसरे प्रधानमंत्री ने 'लादेन' की सूचना लीक कर उसे अमेरिका के हाथों मरवा डाला। तालिबान की सरकार में पाकिस्तान जिस तरह अपना रास्ता बना रहा है, वह आने वाले दिनों में उसी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
बता दें कि सत्ता में आने से पहले इमरान खान की पार्टी ने 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ' (पीटीआई) का कहना था कि तत्कालीन पीएम नवाज शरीफ ने कथित तौर पर अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से डेढ़ अरब रुपये लिए थे। इसका मकसद, कश्मीर में जिहाद को बढ़ावा देना था। उस वक्त पार्टी का कहना था कि वह सत्ता में आती है तो ओसामा बिन लादेन से धन लेने के मामले में नवाज शरीफ के खिलाफ केस दर्ज करेगी। पीटीआई प्रवक्ता फवाद चौधरी ने मीडिया से कहा था, पाकिस्तान में लोकतंत्र के खिलाफ साजिश रची जा रही है। एक आतंकी से धन लिया जा रहा है। यह मामला वहां के उच्चतम न्यायालय में ले जाया जाएगा। इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के पूर्व जासूस खालिद ख्वाजा की पत्नी शमामा खालिद की एक किताब 'खालिद ख्वाजा: शहीद-ए-अमन' में भी इसका जिक्र हुआ था। किताब में यह दावा किया गया था कि शरीफ ने कश्मीर और अफगानिस्तान में जिहाद को बढ़ावा देने के लिए ओसामा बिन लादेन से 1.5 अरब रुपये लिए थे।
इमरान खान ने किया था खुलासा
साल 2019 में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने अमेरिका यात्रा के दौरान यह बयान दिया था कि लादेन के ठिकाने की सूचना लीक की गई थी। पाकिस्तान ने ही अमेरिका को वह जानकारी दी थी। अमेरिकी सील्स कमांडो की एक पॉकेट गाइड, जो लादेन के ठिकाने से बरामद हुई थी, उसमें भी ऐसी जानकारी लिखी थी। एब्टाबाद के जिस मकान में लादेन रहता था, वहां रहने वाले दूसरे सदस्यों के नाम, उनकी आयु और हुलिया भी लिखा था। पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक भी ऐसा ईशारा कर चुके हैं कि घर के किसी भेदिये ने ओसामा बिन लादेन को धोखा दिया था। अमेरिका के पास लादेन के ठिकाने की पुख्ता सूचना पहुंचने के बाद ही 2011 में उसे मारने का प्लान तैयार किया गया था। अमेरिका के दौरे से लौटने के एक साल बाद इमरान खान ने पाकिस्तान की संसद में ओसामा बिन लादेन को शहीद कह दिया था। इमरान खान ने कहा था, अमेरिका उस वक्त जबरदस्ती हमारे घर में घुसा था। उसने हमारे एक आदमी को मार गिराया था। आज तालिबान की सरकार में जो बड़े आतंकी चेहरे नजर आ रहे हैं, उनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई है।
तालिबान का कब्जा होने के बाद अफगानिस्तान में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप पाकिस्तान का देखने को मिल रहा है। काबुल में आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की मुल्ला बरादर से हुई मुलाकात किसी से छिपी नहीं है। रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) का कहना है, मौजूदा परिस्थितियों में आज कोई भी सरकार या संगठन, पाकिस्तान पर भरोसा नहीं करना चाहता। सभी देश, पाकिस्तान के छल कपट से वाकिफ हैं। तालिबान की सरकार में कुछ लोग ऐसे हैं, जो इस बात को समझते हैं, लेकिन वे अभी आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसी संभावना है कि आने वाले समय में उनकी आवाज बाहर निकलेगी। चीन को भले ही पाकिस्तान 'अपना' मान रहा है, लेकिन यहां भी वह गलतफहमी में है। जिस दिन चीन के प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे, वह पाकिस्तान को पूछेगा नहीं। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का वह बयान सभी ने पढ़ा है कि अमेरिका द्वारा दी गई सहायता राशि को पाकिस्तान ने आतंकियों की मदद पर खर्च कर दिया है। अफगानिस्तान में भी पाकिस्तान ने सब कुछ दांव पर लगा दिया है।