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भारत-मलेशिया के साथ आने से इन 7 चीजों से टूटेगी चीन-पाकिस्तान की कमर!

Sun, 02 Apr 2017 01:17 PM IST
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र Updated Sun, 02 Apr 2017 01:17 PM IST
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 Importance of India and Malaysia ink of seven MoUs
नरेंद्र मोदी और रजाक
मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब अब्दुल रजाक शनिवार को भारत पहुंचे। इस दौरान हैदराबाद हाउस में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। मलेशियाई प्रधानमंत्री ने इसकी तस्वीर भी ट्विटर पर शेयर की और लिखा, 'दोनों देशों के बीच संबंधों में आगे और मजबूती आएगी।'
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दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने 7  समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें वीजा, वायु सेवा और शेक्षणिक योग्यताओं के परस्पर मान्यता पर समझौते अहम हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चीन और पाकिस्तान को काफी नुकसान हो सकता है। इससे चीन और पाकिस्तान के बीच व्यापार के साथ-साथ साउथ चाइन सी का मुद्दा भी शामिल है।
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बताते चलें कि मलेशिया भारत की एक्ट ईस्ट नीति के मूल में है। साल 2010 से दोनों देश सामरिक साक्षीदार रहे हैं। भारत के विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में मलेशिया का निवेश काफी अच्छा है।
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> दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात में साउथ चाइना सी का जिक्र सीधे तौर पर तो नहीं हुआ, लेकिन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत आने वाले बिना बाधा के व्यापार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इसका जिक्र साल 1982 की संयुक्त राष्ट्र की 'समुद्री कानून संधि' में है।

> बताते चलें कि साउथ चाइना सी पर विवाद के बाद चीन ने संयुक्त राष्ट्र की 'समुद्री कानून संधि' के तहत बनाए गए अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल को मानने से इनकार कर दिया था। चीन ने साउथ चाइना सी पर लगभग अपना कब्जा कर लिया था। उसने वहां आर्टिफिशियल आइलैंड के साथ-साथ अपनी सेना भी तैनात कर दी थी। 

> मोदी और रजाक ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता पर भी बात की। इससे चीन और पाकिस्तान के लिए कड़ा सदेंश गया। 

> दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ आतंकवादी संगठनों के खात्मे तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें ऐसे देशों के खिलाफ भी सख्त रुख अख्तियार करना चाहिए जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनकी मदद करते हैं। इसमें इस बात को कोट किया गया कि 'आतंकवाद को शहीद कहकर उसका महिमामंडन नहीं करना चाहिए।' यह बुरहान वानी मामले में पाकिस्तान की तरफ इशारे में कड़ा संदेश है।

दोनों देशों के बीच हुए समझौते

 Importance of India and Malaysia ink of seven MoUs
मोदी और रजाक
>  फ्री वीजा, 48 घंटे के अंदर ऑनलाइन आवेदन को मंजूरी, एक बार वीजा मिलने पर कई बार मलेशिया जाने की मंजूरी

>  वायु समझौते

> मलेशिया से 25 लाख टन सलाना यूरिया और अमोनिया उत्पादन संयंत्र को लेकर सहयोग

> मलेशिया से अतिरिक्त यूरिया खरीदने का प्रस्ताव

> खेल और शैक्षणिक योग्यताओं के परस्पर मान्यता

> अहमदाबाद स्थित भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) मलेशिया की तरफ से पशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा

> पाम ऑयल के क्षेत्र में तकनीक का विकास

> आंध्र प्रदेश में चौथी पीढ़ी के प्रौद्योगिकी उद्यान के कार्यान्वयन के लिए समझौते
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