{"_id":"5927bcc64f1c1b6011536c98","slug":"impeachment-notice-against-judge-of-andhra-pradesh-high-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस
amarujala.com- Presented by: आनंद
Updated Fri, 26 May 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सीवी नागार्जुन रेड्डी के खिलाफ राज्यसभा के 54 सदस्यों ने महाभियोग का नोटिस दिया है। एक कनिष्ठ दलित न्यायाधीश पर जातीय टिप्पणी करने और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोपों की वजह से जस्टिस रेड्डी के खिलाफ महाभियोग का नोटिस जारी किया गया है। सांसदों ने एक नोटिस जारी कर कहा है कि कि न्यायमूर्ति रेड्डी के खिलाफ न्यायाधीश (जांच) कानून, 1968 के तहत जांच प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रथम दृष्ट्या पर्याप्त सामग्री है।
पिछले साल दिसंबर में कई राज्यसभा सांसदों ने जस्टिस रेड्डी को हटाने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ सांसदों द्वारा इस मुद्दे पर पीछे हट जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। ताजा मामले में 54 राज्यसभा सांसदों ने हस्ताक्षर कर नोटिस जारी किया है। इसमें तेलुगु देशम पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा और कई अन्य पार्टियों के सांसद शामिल हैं। इस नोटिस में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जिसमें रायचोटी के दलित कनिष्ठ न्यायाधीश एम रामा कृष्णा को जातीय आधार पर अभद्र शब्द कहने और शारीरिक रूप से हमला करना शामिल है।
सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायमूर्ति रेड्डी ने जस्टिस कृष्णा को उनकी गैरकानूनी मांगें पूरी नहीं करने के कारण निशाना बनाया। सांसदों ने कहा कि जस्टिस रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस कृष्णा को निशाना बनाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। नोटिस जारी करने वाले सांसदों में से एक सांसद के अनुसार राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने इस नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर की राय मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल दिसंबर में कई राज्यसभा सांसदों ने जस्टिस रेड्डी को हटाने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ सांसदों द्वारा इस मुद्दे पर पीछे हट जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। ताजा मामले में 54 राज्यसभा सांसदों ने हस्ताक्षर कर नोटिस जारी किया है। इसमें तेलुगु देशम पार्टी, तेलंगाना राष्ट्र समिति, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा और कई अन्य पार्टियों के सांसद शामिल हैं। इस नोटिस में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जिसमें रायचोटी के दलित कनिष्ठ न्यायाधीश एम रामा कृष्णा को जातीय आधार पर अभद्र शब्द कहने और शारीरिक रूप से हमला करना शामिल है।
विज्ञापन
सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायमूर्ति रेड्डी ने जस्टिस कृष्णा को उनकी गैरकानूनी मांगें पूरी नहीं करने के कारण निशाना बनाया। सांसदों ने कहा कि जस्टिस रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में जस्टिस कृष्णा को निशाना बनाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। नोटिस जारी करने वाले सांसदों में से एक सांसद के अनुसार राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने इस नोटिस पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर की राय मांगी है।
विज्ञापन