{"_id":"68d4f6b02152b86f3c0256f3","slug":"imd-receives-national-award-for-e-governance-2025-for-multi-hazard-early-warning-decision-support-system-2025-09-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IMD: बहु-जोखिम पूर्व-चेतावनी निर्णय-समर्थन प्रणाली के लिए आईएमडी को मिला नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2025","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
IMD: बहु-जोखिम पूर्व-चेतावनी निर्णय-समर्थन प्रणाली के लिए आईएमडी को मिला नेशनल ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2025
Thu, 25 Sep 2025 01:30 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:30 PM IST
सार
इस परियोजना का नेतृत्व आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने किया। उनकी टीम में वैज्ञानिक अनशुल चौहान, सुमन गुर्जर और डॉ. बुशैर एम.टी. शामिल थे।
विज्ञापन
आईएमडी।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार उसके स्वदेशी रूप से विकसित प्रोजेक्ट बहु-जोखिम पूर्व-चेतावनी निर्णय-समर्थन प्रणाली (मल्टी-हैजर्ड अर्ली वार्निंग डिसीजन सपोर्ट सिस्टम) के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रदान किया
इस परियोजना का नेतृत्व आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने किया। उनकी टीम में वैज्ञानिक अनशुल चौहान, सुमन गुर्जर और डॉ. बुशैर एम.टी. शामिल थे।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उपग्रह, रडार और जमीनी सेंसर से वास्तविक समय का डाटा लेकर मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी सेवाओं को स्वचालित करता है। इसके जरिए मौसम आधारित जोखिम का आकलन और प्रभाव-आधारित चेतावनी जारी की जा सकती है।
विज्ञापन
इस प्रणाली से कृषि, विमानन, समुद्री, ऊर्जा, परिवहन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिला है। उल्लेखनीय है कि चक्रवात ‘बिपरजॉय’ (2023) और ‘दाना’ (2024) के दौरान शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में इस प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। इस उपलब्धि ने भारत को आत्मनिर्भर, मौसम-तैयार और आपदा-रोधी समाज की ओर अग्रसर किया है।
विज्ञापन
इस परियोजना का नेतृत्व आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने किया। उनकी टीम में वैज्ञानिक अनशुल चौहान, सुमन गुर्जर और डॉ. बुशैर एम.टी. शामिल थे।
विज्ञापन
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उपग्रह, रडार और जमीनी सेंसर से वास्तविक समय का डाटा लेकर मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी सेवाओं को स्वचालित करता है। इसके जरिए मौसम आधारित जोखिम का आकलन और प्रभाव-आधारित चेतावनी जारी की जा सकती है।
विज्ञापन
इस प्रणाली से कृषि, विमानन, समुद्री, ऊर्जा, परिवहन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिला है। उल्लेखनीय है कि चक्रवात ‘बिपरजॉय’ (2023) और ‘दाना’ (2024) के दौरान शून्य जनहानि सुनिश्चित करने में इस प्रणाली ने अहम भूमिका निभाई। इस उपलब्धि ने भारत को आत्मनिर्भर, मौसम-तैयार और आपदा-रोधी समाज की ओर अग्रसर किया है।