IMD: अभी और सितम ढाएगी सर्दी, जनवरी में मध्य भारत में शीतलहर चलने की संभावना; मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
IMD: मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि जनवरी में देश के मध्य हिस्सों में शीतलहर के बारे में चेतावनी दी और अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की आशंका जताई है।
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मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को चेतावनी दी कि जनवरी में देश के मध्य हिस्सों में शीतलहर के बारे में चेतावनी दी और अगले तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में घने कोहरे की आशंका जताई है।
फरवरी-मार्च के दौरान सामान्य बारिश की आशंका
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनवरी से फरवरी-मार्च की अवधि के दौरान सामान्य बारिश की आशंका जताई है। जिससे गेहूं की बेहतर फसल की उम्मीद बढ़ गई है।
1901 के बाद दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा 2023
महापात्र ने कहा कि 1901 के बाद से 2023 दूसरा सबसे गर्म वर्ष रहा। क्योंकि देश में वार्षिक औसत वायु तापमान सामान्य से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक था। 1901 के बाद से सबसे गर्म वर्ष 2016 था, जब देश के लिए वार्षिक औसत वायु तापमान सामान्य से 0.710 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
दक्षिण प्रायद्वीपीय और उत्तर-पूर्वी भारत में गर्म दिन
महापात्र ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अपेक्षाकृत गर्म सुबह होने की उम्मीद है और मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में ठंडे दिन रहने की उम्मीद है, क्योंकि मौसम कार्यालय ने क्षेत्र में सामान्य से कम मासिक अधिकतम तापमान का अनुमान लगाया है। हालांकि, दक्षिण प्रायद्वीपीय और उत्तर-पूर्वी भारत में गर्म दिन रह सकते हैं क्योंकि जनवरी में इस क्षेत्र में सामान्य से अधिक मासिक अधिकतम तापमान रहने की उम्मीद है।
दिसंबर में हुई 25.5 मिलीमीटर बारिश
महापात्र ने कहा कि पूरे देश में दिसंबर में 25.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो इस महीने के सामान्य 15.9 मिलीमीटर की तुलना में 60 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में दिसंबर में 72.2 मिमी बारिश हुई, जो महीने के लिए सामान्य 32 मिमी से 126 फीसदी अधिक थी।
191 फीसदी अधिक बारिश हुई मध्य भारत में
मध्य भारत में 191 फीसदी अधिक बारिश हुई, जहां दिसंबर में सामान्य 5.1 मिमी के मुकाबले 14.8 मिमी बारिश हुई। हालांकि, महापात्र ने कहा कि गेहूं उगाने वाले उत्तर पश्चिम भारत में 18.9 मिमी की सामान्य बारिश की तुलना में 65 फीसदी कम बारिश हुई।