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IMD: इस बार सर्दियों में नहीं पड़ेगी कड़ाके की ठंड, शीतलहर के दिनों में कमी की यह है सबसे बड़ी वजह
Thu, 05 Dec 2024 04:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 05 Dec 2024 04:40 AM IST
सार
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देश के अधिकतर हिस्सों में सर्दियों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ला नीना की अनुपस्थिति के कारण इस साल सर्दी सामान्य से गर्म रह सकती है।
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कड़ाके ठंड में अलाव सेंकते लोग। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस बार सर्दियों में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ेगी। दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 के दौरान देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व हिस्सों के अधिकतर इलाकों में शीतलहर वाले दिनों की संख्या भी सामान्य कम रहने की उम्मीद है।
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मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार देश के अधिकतर हिस्सों में सर्दियों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ला नीना की अनुपस्थिति के कारण इस साल सर्दी सामान्य से गर्म रह सकती है। ला नीना प्रशांत महासागर और ऊपर के वायुमंडल के बीच परस्पर क्रिया के कारण होता है। ला नीना आमतौर पर ठंडी सर्दियों से जुड़ा होता है, लेकिन इस साल यह घटना नहीं हुई है। ला नीना के दौरान व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं जिससे जल की बड़ी मात्रा पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र की ओर बढ़ जाती है, इससे पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में तापमान ठंडा हो जाता है। हालांकि जनवरी, फरवरी 2025 के आसपास ला नीना की स्थिति के विकसित होने की अधिक संभावना जताई गई है। नए वर्ष की शुरुआत तक ला नीना की स्थिति बढ़ने के आसार हैं।
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दिसंबर माह में सामान्य से अधिक हो सकती है वर्षा
दिसंबर महीने के दौरान पूरे देश में बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। यह लाॅन्ग पीरियड एवरेज (एलपीए) से 121 फीसदी अधिक हो सकती है। प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्सों, पश्चिम-मध्य भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक यानी लंबी एलपीए के 131 फीसदी से अधिक बारिश होने की संभावना है। दक्षिणी प्रायद्वीप में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। यहां होने वाली बारिश बारिश का औसत पूरे देश में परिलक्षित हो हो रहा है। अन्यथा देश के अन्य हिस्सों में बारिश ज्यादा नहीं होगी।
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